आज भक्तिभाव से घर-घर पूजे जायेंगे भगवान अनंत, तैयारी पूरी

KAIMUR NEWS.इस बार अनंत चतुर्दशी का व्रत छह सितंबर यानि शनिवार को है. इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है. इतना ही नहीं, इस दिन 14 गांठों वाला अनंत सूत्र भी बांधा जाता है.

पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 2 मिनट से देर रात 1 बजकर 41 मिनट तक

भभुआ सदर.

इस बार अनंत चतुर्दशी का व्रत छह सितंबर यानि शनिवार को है. इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है. इतना ही नहीं, इस दिन 14 गांठों वाला अनंत सूत्र भी बांधा जाता है.अनंत चतुर्दशी के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करने के बाद अनंत सूत्र को हाथ में बांधा जाता है. पंडित उपेंद्र तिवारी के अनुसार इस अनंत सूत्र में 14 गांठें लगायी जाती हैं. इसे 14 लोको से जोड़ कर देखा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भौतिक जगत में 14 लोक हैं. जिनमें भूलोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक, महर्लोक, जनलोक, तपोलोक, ब्रह्मलोक, अतल, वितल, सतल, रसातल, तलातल, महातल और पाताल लोक शामिल है.

अनंत चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषशास्त्री पंडित उपेंद्र तिवारी व्यास ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत छह सितंबर को देर रात 3 बजकर 12 मिनट पर हो रही है. वहीं, सात सितंबर को देर रात एक बजकर 41 मिनट पर चतुर्दशी तिथि का समापन होगा. क्योंकि, सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है. इसलिए इस बार छह सितंबर को आज अनंत चतुर्दशी मनायी जायेगी. अनंत चतुर्दशी के दिन पूजा के लिए शुभ समय दिन भर है. साधक किसी समय स्नान-ध्यान कर लक्ष्मी नारायणजी की पूजा कर सकते हैं और पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 2 मिनट से देर रात 1 बजकर 41 मिनट तक है.

शरद ऋतु के आगमन की होती है शुरुआत

कहा जाता है कि,अनंत चतुर्दशी से ही शरद ऋतु का आगमन होता है यानी ठंड की शुरुआत होने लगती है. अनंत चतुर्दशी से शरद ऋतु प्रवेश कर जाता है और फिर धीरे-धीरे ठंड आने लगती है. हालांकि, इस बार बारिश के आंखमिचौली से ठंड के आने का एहसास होना अब तक शुरू नहीं हुआ है.

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By VIKASH KUMAR

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