मधेपुरा. शहर की स्वच्छता, जन स्वास्थ्य और नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद प्रशासन ने खुले में मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. दुकानदारों को खुले में मांस-मछली बेचने को लेकर चेतावनी दी गयी. स्कूल, कॉलेज या किसी भी धार्मिक स्थल के पास मांस-मछली की दुकानें नहीं खोली जा सकेगी. इन स्थानों के समीप पायी जाने वाली दुकानों को तुरंत बंद कराया जायेगा, दुकानों में काले रंग का पर्दा या काला शीशा लगाना अनिवार्य है, ताकि जानवरों की कटाई और बिक्री को बाहर से नहीं देखा जा सके. नियम का उल्लंघन करने पर 5000 रुपये तक जुर्माना भी वसूला जायेगा. दुकानदारों को मांस के अवशेष और अपशिष्ट अर्थात कचरा स्वयं इकट्ठा करना होगा. इसे वहां से नगर निगम की कचरा गाड़ी उठाव करेगी. निर्णय का आम नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने स्वागत किया है. गंदगी फैलाने पर कार्रवाई होगी. शहर में मांस-मछली की दुकानों की संख्या सैकड़ों से अधिक है. डिप्टी सीएम के फरमान के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है. सदन में उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जानकारी दी गयी कि परिषद क्षेत्र में सड़क किनारे खुले में मांस की बिक्री की जा रही है. संबंधित राह से अधिकांश लोगों ने चलना छोड़ दिया है. मंत्री ने कहा कि सड़कों के किनारे खुले में मांस की बिक्री नहीं की जा सकती, बताया जाता है कि इसके बाद नगर निगम सक्रिय हुआ तथा मांस की दुकानों में पर्दा टंगवा दिया गया.खुले में मांस-मछली बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है. बिना लाइसेंस के कारोबार करने वालों से जुर्माना वसूला जायेगा और मुकदमा दर्ज किया जायेगा. —— खुले में मांस मछली बेचने वाले के खिलाफ अब प्रशासन सख्ती दिखाएगी और बिना लाइसेंस के कारोबार करने बालों पर अब विभाग कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है. तान्या कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी
खुले में मांस की बिक्री पर नगर परिषद ने लगाया प्रतिबंध
मधेपुरा. शहर की स्वच्छता, जन स्वास्थ्य और नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद प्रशासन ने खुले में मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
