अस्पताल में ट्रॉली नहीं है, कचरा उठाव में हो रही परेशानी

छह ट्रॉली की आवश्यकता है, वर्तमान में दो ट्रॉली से हो रहा है काम

छह ट्रॉली की आवश्यकता है, वर्तमान में दो ट्रॉली से हो रहा है काम

प्रतिनिधि, गुमला

सदर अस्पताल गुमला के सफाई कर्मियों को ट्रॉली के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रविवार को सदर अस्पताल की सुबह की शिफ्ट में 10 महिला व छह पुरुष कर्मी सदर अस्पताल की सफाई के लिए पहुंचे थे. लेकिन सफाई करने के बाद उन्हें कचरे का उठाव कर कचरा डिस्पोजल सेंटर पहुंचाना पड़ता है. लेकिन सदर अस्पताल गुमला की दो ट्रॉली टूट जाने की वजह से बेकार पड़ी हुई थी. जिसके कारण कचरा उठाव कर डिस्पोजल सेंटर में पहुंचाने में सफाई कर्मियों को काफी परेशानी हो रही थी. वहीं वर्तमान में सदर अस्पताल गुमला की साफ सफाई का निविदा स्नेहा कंपनी ने लिया है. जिनके सुपरवाइजर ने सफाई कर्मियों को एक ट्रॉली दिया था. जिसके कारण सफाई कर्मी एक कर्मी द्वारा कचरा को ट्रॉली में लाद कर कचरा डिस्पोजल सेंटर पहुंचाने के कारण उन्हें समय पर सफाई नहीं हो पा रही थी. जिसे देखते हुए प्रभात खबर की पहल पर स्नेहा कंपनी के सुपरवाइजर अर्जुन सिंह से बोलने पर उन्हें फिर एक ट्रॉली मुहैया कराया गया. जिससे कचरे का उठाव हो सका. वहीं इस संबंध में अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष जयपाल महली ने कहा कि ट्रॉली के अभाव में कचरे का उठाव ससमय नहीं हो पाता है. दो ट्रॉली सदर अस्पताल गुमला है, जो दो माह से टूटा पड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि अगर हमें कुल छह ट्रॉली मिल जाती, तो हम सभी सफाई कर्मी अपना काम ससमय पूरा करेंगे. ट्रॉली के आभाव में कचरा सफाई के बाद उसे डिस्पोजल सेंटर ले जाने के लिए हमें घंटो बेवजह बैठना पड़ता है. जिससे हमें परेशानी होती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Akarsh Aniket

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >