Dhanbad News :टुंडी प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में पथ निर्माण का कार्य प्रगति पर है. भेलवाबेड़ा जैसे पहाड़ पर बसे गांव तक पहुंच पथ बन रहा है. इसके बाद भी कई ऐसे गांव अब भी बचे हैं, जहां आजादी के अमृत काल में भी पहुंच पथ नहीं बन पाया है. ऐसा ही एक गांव है टुंडी मुख्यालय से सटा परसाटांड़. यहां के ग्रामीणों को अपने गांव तक जाने के लिए अब तक सड़क नहीं बनी है. खास कर बरसात में तो पैदल भी चलना दूभर है. जगह-जगह गढ्ढे बन गये हैं. स्कूली बच्चों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है. गांव में स्कूल है, बिजली है, मुख्य गांव में पीसीसी पथ है, लेकिन टुंडी ब्लॉक मुख्यालय बराकर नदी पथ से गांव तक जाने के लिए मुख्य पथ का अभाव है. गांव की आबादी पांच सौ से अधिक है. सभी परिवार आदिवासी हैं. थक हारकर सोमवार को गांव के विनोद के नेतृत्व मे स्कूली बच्चों ने गैंता, कुदाल और झोड़ा उठाकर गड्ढों को भरना शुरू कर दिया और मरम्मत कर फिलहाल चलने लायक बना दिया है. इस संबंध में टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने बताया कि टुंडी की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं थी. अब सड़कें दिख रही हैं. काम भी चल रहा है. परसाटांड़ की उक्त सड़क के अलावा पश्चिमी टुंडी की भी कुछ सड़कों की अनुसंशा की गयी है. उम्मीद करते हैं शीघ्र कार्य शुरू हो जायेगा.
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