सरकार व जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर सड़क का निर्माण किया

सरकार व जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर सड़क का निर्माण किया

सनगंज प्रखंड स्थित कालसर पंचायत के महनौर गांव में विकास के इस दौर में भी जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक पदाधिकारियों की उदासीनता के चलते बेबस ग्रामीणों ने वर्षों से कच्ची गड्ढानुमा जर्जर सड़क की मरम्मति को लेकर आपस में चंदा इकट्ठा कर सड़क निर्माण शुरु किया है. मौके पर लाचार व बेबस ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से जर्जर व गड्ढानुमा सड़क में जान जोखिम में डालकर आवागमन करने पर मजबूर हैं. बरसात के दिनों ठेहूना भर किचड़ में गिरते पछड़ते आना जाना करना पड़ता है. एम्बूलेंस भी गांव नहीं पहुंच पाती है. मरीजों को कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है. कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर बड़े अधिकारियों को सड़क निर्माण की मांग लिखित व मौखिक दी गयी. पर आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका. यह सड़क दो लोकसभा, दो विधानसभा व दो प्रखंड को जोड़ने वाली सड़क है. जहां पर हजारों की आबादी में इस सड़क से आना जाना होता है. ग्रामीणों ने आखिरकार गांव में चंदा इकट्ठा कर इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य का बीड़ा उठाया. यह सड़क महनौर मुख्य सड़क से महनौर पूर्णिया पूर्व तक जाने वाली कच्ची सड़क है, जिसकी लंबाई लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर है. मुस्लिम, अब्दुल हलीम, मोजीबुर रहमान, असगर अली ने बताया कि मुख्य सड़क से गांव तक जाने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क आजादी के दशकों बाद से यूंही जर्जर अवस्था में है. गांव में स्कूल व मदरसा होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों के साथ मुख्य बाजार जाने के लिए इस सड़क में लोगों का आवाजाही लगा रहता है. वर्षों से इस सड़क के जर्जर व गड्ढानुमा हो जाने के कारण लोगों को आवाजाही को लेकर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. परेशानी के मद्देनजर तत्कालीन पंचायत के मुखिया, दोनों विधानसभा के जनप्रतिनिधियों समेत अधिकारियों को इस संबंध में ग्रामीणों के द्वारा सूचना दी गई, लेकिन अब तक इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण नहीं कराया गया. लाचार बेबस ग्रामीण प्रशासनिक व जनप्रतिनिधियों के उपेक्षापूर्ण रवैये से तंग आकर स्वयं निर्माण का बीड़ा उठाने के लिए बेबस हो गये. गांव में चंदा करने के साथ श्रमदान कर इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया. ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि पूरे 17 दिन से गांव घूम घूम कर चंदा इक्कठा किए. तब जाकर करीब 90 हजार रुपए 90 लोगो से दान स्वरूप मिला. गांव के गरीब अमीर लोगों ने एक समान चंदा देने का कार्य किया. तब जाकर तेज प्रगति से सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है. इस कार्य में मुख्य रूप से साकिर हुसैन, असगर अली, मोलाना मुस्लिम, सईदुर रहमान, हबीबुर रहमान, फरीद, अब्दुल हलीम, महबुब आलम, नूर अलाम, अलाउद्दीन रहमान आदि दर्जनों लोगों ने शामिल होकर श्रमदान किया.

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Author: RAJKISHOR K

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