वाहन चालक, यात्रियों व राहगीरों को होती है परेशानी,
अंधेरा होने की वजह से लूट और छिनतई की घटनायें बढ़ी
प्रतिनिधि, रजौली
मुख्यालय स्थित फोरलेन में लगायी गयी आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) लाइट शोभा की वस्तु बनी हुई है. कई महीनों से बाइपास के समीप स्थित ओवरब्रिज के ऊपर लगी सभी लाइटें बंद पड़ी हैं. जिस पर इसके रखरखाव वाली एजेंसी बेखबर है. वहीं एनएचआइ प्रशासन का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है. जिसे इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों, राहगीरों व स्थानीय लोगों के परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जबकि इस समस्या से कई बार स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन, कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है. जिससे हाइवे पर आए दिन बड़े और छोटे वाहन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. यही नहीं अंधेरा होने की वजह से आए दिन लूट और छिनतई की घटनायें भी हो रही हैं. लोगों ने कई बार इन स्ट्रीट लाइट को सही करने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है.स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से बाइपास में पसरा सन्नाटा
दुकानदार सुधीर यादव ने बताया कि बाइपास में आरओबी के नीचे दर्जनों फुटपाथ दुकान के रहने से यात्रियों समेत अन्य लोगों को काफी सहूलियत हुआ करती थी, क्योंकि सभी दुकानें पूरी रात खुली रहती थी. उन दुकानों में जलने वाले रौशनी से पूरा बाइपास जगमग रहा करता था. पर, छह महीने पूर्व मेंटेनेंस करने वाली एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र कुमार त्रिपाठी नेप्रशासन के सहयोग से फुटपाथी दुकानदारों को हटवा दिया . इससे देर रात में बाइपास पूरी तरह वीरान हो जाता है. बताया कि पूरे महीने में गलती से एक-दो दिन लाइटें जलती दिख जाए, यही बहुत है.एनएचएआइ के नियमों की उड़ रही धज्जियां
हाइवे और वाहनों की भरमार होने की वजह से सुरक्षित यातायात के लिए स्ट्रीट लाइट अति आवश्यक है. सरकार की तरफ से यह सुविधा दी भी जा रही है, लेकिन, रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है. दरअसल एनएचएआइ सड़क के निर्माण और रखरखाव का अनुबंध किसी प्राइवेट कंपनी व ठेकेदार को दे देती हैं. कंपनी को ऑपरेशन और मेंटेनेंस के तहत लाइट चालू रखने की जिम्मेदारी होती है. पर एनएचएआइ की ओर से हाइवे को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए लगायी गयी आरओबी (रोड ओवरब्रिज) लाइटें शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. जिससे हाइवे के ज्यादातर इलाके में अंधेरा पसरा रहता है, जहां हालत ठीक है, वहां यह रात-दिन जलती हैं.क्या कहते हैं एसडीएम
इस बारे में एसडीएम स्वतंत्र कुमार सुमन ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. एनएचएआइ एवं संबंधित एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिया गया है. आश्वासन दिया कि जल्द ही आरओबी लाइटें सुचारू रूप से जलने लगेंगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
