शपथ पत्र लेने के बाद ही 89 लाख मतदाताओं के नाम काटने पर निर्णय लेगा आयोग

चुनाव आयोग ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को राज्य के करीब 89 लाख लोगो के नाम मतदाता सूची से काटने के लिए पिछले 1-2 दिनों में पत्र दिये हैं.

एसआइआर: कांग्रेस ने लगाया 89 लाख विसंगतियां मिलने का आरोप संवाददाता, पटना चुनाव आयोग ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को राज्य के करीब 89 लाख लोगो के नाम मतदाता सूची से काटने के लिए पिछले 1-2 दिनों में पत्र दिये हैं. इन पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों से निर्धारित शपथ पत्र लेने के बाद 89 लाख मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया पर समुचित निर्णय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी लेंगे. आयोग ने यह विज्ञप्ति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा द्वारा संवाददाता सम्मेलन कर आयोग पर गंभीर आरोप लगाने के बाद जारी की गयी. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में संवाददाता सम्मेलन में पवन खेड़ा ने कहा है कि जिला अध्यक्षों के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारियों को 89 लाख आपत्तियां सौंपी गयीं. इसके बावजूद आयोग कहता है कि राजनीतिक दलों की आपत्तियां शून्य हैं. आयाेग ने कहा है कि कोई भी नाम काटने की आपत्ति निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 13 के तहत, सिर्फ फॉर्म 7 में दी जा सकती है. इसे राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स द्वारा निर्धारित प्रपत्र व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अनुसार घोषणा के साथ दिया जा सकता है. उच्चतम न्यायालय ने भी अपने 22.08.2025 के अंतरिम आदेश में यह स्पष्ट किया है कि 12 राजनीतिक दलों के द्वारा प्रारूप मतदाता सूची में कोई भी गलत नाम की जानकारी संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को निर्धारित प्रारूप में जमा करायें. कांग्रेस की जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के द्वारा दी गयी आपत्ति निर्धारित प्रपत्र में नहीं है. जिला निर्वाचन अधिकारी इन आपत्तियों को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को उचित कार्यवाही के लिए अग्रेषित कर रहे हैं. इस दौरान यह अपेक्षित है कि करीब 89 लाख मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी द्वारा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों से निर्धारित शपथ लेने के बाद नाम काटने की प्रक्रिया पर समुचित निर्णय लिया जायेगा. हमारे बीएलए की आपत्तियां स्वीकार नहीं की. : कांग्रेस इससे पहले संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) ने लाखों नागरिकों की आपत्तियां दर्ज कराने में मदद की. बीएलए के साथ चुनाव आयोग का रवैया देखकर निराशा हुई कि कई जगहों पर चुनाव आयोग के अफसरों ने हमारे बीएलए द्वारा इकट्ठी आपत्तियां स्वीकार नहीं की. बीएलए को बाध्य किया गया कि वे हर नागरिक की आपत्ति अलग-अलग फॉर्म में जमा करें. यह आयोग की ओर से एक सोची-समझी चालाकी लगती है, ताकि विपक्ष सहयोग न कर पाये और कटे हुए नाम वापस जुड़ने में कठिनाई हो. कांग्रेस की व्यापक जांच में बिहार की सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के 90,000 से अधिक बूथों की जांच की गयी. इस प्रक्रिया में हमें करीब 89 लाख विसंगतियां मिलीं. हमने देखा कि कई बूथों पर 100 से अधिक वोटरों के नाम एक साथ काट दिये गये हैं. बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम कटे. कुल मिलाकर बिहार में 65 लाख वोटरों के नाम काटे गये हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि एक भी वैध मतदाता को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिये. चुनाव आयोग को चाहिए कि वह कटे हुए नामों का घर-घर जाकर पुनः सत्यापन करे. महिलाओं, गरीबों और हाशिये पर खड़े समाज के लोगों के वोट काटने का यह षड्यंत्र तुरंत रोका जाये.

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Author: DURGESH KUMAR

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