पीजी संगीत एवं नाट्य विभाग में ‘अंधा युग’ का प्रभावशाली मंचन दरभंगा. लनामिवि के पीजी संगीत एवं नाट्य विभाग छात्रों ने विभागीय प्रेक्षागृह में धर्मवीर भारती के प्रसिद्ध नाटक ‘अंधा युग’ का मंचन किया. विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक वातावरण को जीवंत कर दिया. नाटक में कलाकारों ने पात्रों की मनोवैज्ञानिक जटिलताओं को सशक्त अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया. विशेष रूप से अश्वत्थामा और गांधारी की भूमिकाओं ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी. प्रकाश व्यवस्था, पार्श्व ध्वनि, वस्त्र-सज्जा, प्रॉप्स और संगीत ने नाटकीय वातावरण को प्रभावशाली बनाया और प्रस्तुति को जीवंत रूप दिया. विभागाध्यक्ष डॉ लावण्य कीर्ति सिंह काव्या ने कहा कि यह मंचन छात्रों के उत्कृष्ट नाट्य प्रशिक्षण का प्रमाण है तथा भविष्य में इससे भी बेहतर प्रस्तुतियों का प्रयास किया जाएगा. विभागीय शिक्षक डॉ पुष्कर कुमार झा और डॉ अभिषेक स्मिथ सहित उपस्थित सभी शिक्षकों एवं दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की. नाटक में अश्वत्थामा की भूमिका विनोद कुमार विश्वकर्मा, गांधारी की भूमिका प्रिया कुमारी, धृतराष्ट्र की प्रहलाद कुमार, कृष्ण की आदित्य कुमार, व्यास की ऋषि कुमार, संजय की उत्पल झा तथा विदुर की भूमिका अंशु कुमार गुप्ता ने निभाई. मंच के पीछे प्रकाश व्यवस्था रौशन कुमार, पार्श्व ध्वनि देवनंदन कुमार, वस्त्र विन्यास शिव कुमार एवं ज्योति कुमारी तथा संगीत संयोजन में रविकांत कुमार और सुधीर कुमार ने किया.
कैंपस- छात्रों के अभिनय और तकनीकी प्रस्तुति ने दर्शकों की बटोरी सराहना
लनामिवि के पीजी संगीत एवं नाट्य विभाग के छात्रों ने अंधा युग नाटक का प्रभावशाली मंचन किया। कलाकारों के अभिनय और तकनीकी प्रस्तुति की जमकर सराहना हुई।

अंधायुग नाटक की प्रस्तुति के लिए तैयार छात्र छात्रा | Prabhat Khabar Network