रजिस्टर्ड पत्र व पार्सल सेवा का स्पीड पोस्ट में हो गया है विलय दूरी से बढ़ता जा रहा शुल्क, पावती के लिए जोड़ दे रहे 10 रुपये वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर डाक विभाग का सबसे प्रचलित रजिस्टर्ड पत्र व पार्सल सेवा, स्पीड पोस्ट में विलय हो चुकी है. पर इसके चार्जेज ग्राहकों को महंगे पड़ रहे हैं. स्पीड पोस्ट का शुल्क 50 ग्राम तक के पार्सल के लिए 200 किलोमीटर से अधिक होने पर 42 रुपये, जबकि 200 ग्राम तक के पार्सल के लिए दूरी के हिसाब से 40 से 70 रुपये तक लग रहा है. 201 से 500 ग्राम तक के पार्सल के लिए 50 से 90 रुपये तक का शुल्क लग रहा है. हर अतिरिक्त 500 ग्राम पर 15 से 50 रुपये तक और ज्यादा शुल्क लग रहा है. इसमें पावती का शुल्क भी दस रुपये जुड़ रहा है. पहले रजिस्टर्ड डाक सेवा का इस्तेमाल कोर्ट के समन, कानूनी नोटिस व तलाक जैसे अहम दस्तावेज को भेजने के लिए किया जाता था. अब यह सेवा रजिस्टर्ड स्पीड पोस्ट के साथ नये अंदाज में दी जा रही है. यहां बता दें कि बीते पांच दशक पुरानी सेवा का रूप बदल दिया गया है. डाक विभाग के मुजफ्फरपुर प्रमंडल के जिले के सभी 439 डाकघरों में अब रजिस्ट्री पोस्ट नहीं हैं. डाक विभाग ने नयी व्यवस्था के तहत प्रधान डाकघर के अलावा 59 उप डाकघरों व 379 शाखा डाकघरों से डाक सेवाएं तेज, सुविधाजनक व आधुनिक होने का दावा किया हैं. उत्तरी डाक परिक्षेत्र के पीएमजी पवन कुमार सिंह ने बताया कि समय के साथ डाक विभाग को भी डिजिटाइज्ड किया जा रहा है. इधर हाल ही में विभाग ने आइपीटी 2.0 नाम का नया सॉफ्टवेयर डाकघरों में लगाया है, वहीं डिजीपिन जैसी पत्र व पार्सल वितरण सुविधा भी शुरू की गयी है. अब स्मार्टफोन व ओटीपी आधारित व्यवस्था से डाकिया डाक बांटते हैं. ऐसे में बुकिंग की व्यवस्था भी बदल गयी है. इसके तहत 1854 से शुरू रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को अब स्पीड पोस्ट के साथ जोड़ दिया गया है.
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