विश्व गर्भ निरोधक दिवस पर किशनगंज में विशेष आयोजन

विश्व गर्भ निरोधक दिवस पर जिले के दो प्रमुख विद्यालयों ठाकुरगंज के प्रोजेक्ट हाई स्कूल और पोठिया के आदर्श मध्य विद्यालय में छोटा परिवार, स्वस्थ परिवार विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई।

छोटा परिवार, स्वस्थ परिवार के संदेश के साथ विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में हुआ जागरूकता कार्यक्रमकिशनगंज,.विश्व गर्भ निरोधक दिवस का उद्देश्य परिवार नियोजन की महत्ता को रेखांकित करना और समाज में संतुलित जनसंख्या का संदेश पहुंचाना है. छोटा परिवार, स्वस्थ परिवार केवल स्वास्थ्य से जुड़ा नारा नहीं, बल्कि यह देश की सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक प्रगति की आधारशिला है. परिवार नियोजन साधनों का नियमित प्रयोग मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, महिलाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा गरीबी घटाने में सहायक सिद्ध होता है. यही कारण है कि यह अभियान सीधे तौर पर सतत विकास लक्ष्यों जैसे बेहतर स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और गरीबी उन्मूलन को प्राप्त करने की दिशा में ठोस कदम है.

विद्यालयों में चित्रकला प्रतियोगिता से छात्रों का संदेश

विश्व गर्भ निरोधक दिवस पर जिले के दो प्रमुख विद्यालयों ठाकुरगंज के प्रोजेक्ट हाई स्कूल और पोठिया के आदर्श मध्य विद्यालय में छोटा परिवार, स्वस्थ परिवार विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई।छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी चित्रकला के माध्यम से परिवार नियोजन और स्वस्थ समाज का सशक्त संदेश दिया. प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया. पुरस्कार वितरण प्रिंसिपल महोदय और प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक ने संयुक्त रूप से किया। आयोजकों का मानना था कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल छात्राओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहन देती हैं, बल्कि उन्हें समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से भी जोड़ती है.

स्वास्थ्य संस्थानों में साधनों का वितरण और जागरूकता

विद्यालयों के साथ-साथ जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए. इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को गर्भ निरोधक साधनों की जानकारी दी और अस्थायी साधनों जैसे कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियाँ, इंजेक्शन और अंतर्गर्भाशयी यंत्र का निःशुल्क वितरण किया. साथ ही स्थायी साधनों जैसे पुरुष और महिला नसबंदी के प्रति भी लोगों को प्रेरित किया गया. कार्यक्रमों में उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि परिवार नियोजन से न केवल जनसंख्या नियंत्रण होता है बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, महिलाओं का स्वास्थ्य और बच्चों का पोषण भी बेहतर होता है. सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि परिवार नियोजन केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण का हिस्सा है. छोटा परिवार रखने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटती है और महिलाएँ जीवन में आगे बढ़ पाती है. परिवार नियोजन अपनाने से समाज में स्वास्थ्य सेवाओं का बोझ भी कम होता है और सभी को बेहतर सुविधाएँ मिल पाती है.

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Author: AWADHESH KUMAR

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