सेंट्रल लाइब्रेरी में चार महीने से वाई-फाई ठप, फाइलों में अटका डिजिटल भविष्य

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरडिजिटल इंडिया व इ-लर्निंग के दौर में बीआरएबीयू की सेंट्रल लाइब्रेरी खुद ऑफलाइन मोड में चली गयी है. पिछले चार महीनों से लाइब्रेरी में वाई-फाई कनेक्शन बंद होने

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

डिजिटल इंडिया व इ-लर्निंग के दौर में बीआरएबीयू की सेंट्रल लाइब्रेरी खुद ऑफलाइन मोड में चली गयी है. पिछले चार महीनों से लाइब्रेरी में वाई-फाई कनेक्शन बंद होने के कारण न केवल कामकाज ठप है, बल्कि शोधार्थियों, छात्रों व शिक्षकों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है. शुक्रवार को इस समस्या से आक्रोशित दर्जनों छात्र विवि मुख्यालय पहुंचे व प्रशासन के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करायी. विवि की सेंट्रल लाइब्रेरी में छात्रों को इ-संसाधनों से जोड़ने के लिए इ-लाइब्रेरी की स्थापना की गयी थी. वर्ष 2024 में वाई-फाई सेवा शुरू होने के बाद यहां छात्र अपने लैपटॉप व मोबाइल के साथ-साथ लाइब्रेरी के कंप्यूटरों पर इंटरनेट का मुफ्त उपयोग कर रहे थे. लेकिन पिछले चार महीनों से रिचार्ज खत्म होने के कारण इ-लाइब्रेरी के करोड़ों की लागत से लगे कंप्यूटर सिस्टम शो-पीस बनकर रह गये हैं. इंटरनेट के अभाव में छात्र न तो शोध पत्र डाउनलोड कर पा रहे हैं और न ही आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी कर पा रहे हैं.

फाइलों के जाल में उलझा रिचार्ज

सूत्रों के अनुसार, वाई-फाई सेवा बंद होने का मुख्य कारण प्रशासनिक सुस्ती है. 2024 में एक साल के लिए कनेक्शन रिचार्ज कराया गया था, जिसकी अवधि समाप्त होने के बाद दोबारा रिचार्ज के लिए कोटेशन के साथ फाइल प्रशासनिक भवन भेजी गयी थी. विडंबना यह है कि पिछले चार महीनों से यह फाइल एक टेबल से दूसरे टेबल पर घूम रही है, लेकिन अब तक रिचार्ज की राशि स्वीकृत नहीं हो पायी है. लाइब्रेरी प्रबंधन की ओर से कई रिमाइंडर भेजने के बावजूद परिणाम शून्य रहा है.

कुलसचिव का आश्वासन, जल्द होगा समाधान

शुक्रवार को शिकायत करने पहुंचे पीजी विभाग के छात्रों ने बताया कि वे नेट-जेआरएफ व अन्य बड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें ऑनलाइन स्टडी मटेरियल की सख्त जरूरत है. छात्रों ने कुलसचिव से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनायी. कुलसचिव ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही वाई-फाई सेवा बहाल कर दी जायेगी. हालांकि, छात्र इस बात से चिंतित हैं कि परीक्षाओं के समय उनकी पढ़ाई का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कैसे होगी.

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