प्रतिनिधि, गुवा सेल की किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा एवं चिड़िया खदानों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस मैंनेजमेंट सिस्टम लागू करने को लेकर धनबाद स्थित सीजीआईटी कोर्ट में चल रहे मामले की सुनवाई 8 जुलाई 2026 को हुई. झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन किरीबुरू के महामंत्री राजेंद्र सिंधिया ने प्रेस वार्ता कर कहा कि इस दिन सेल प्रबंधन को अपना काउंटर दाखिल करना था, लेकिन न तो कोई अधिकृत अधिकारी और न ही अधिकृत अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित हुए. यूनियन की ओर से अधिवक्ता सोमेन्द्र नाथ घोष ने न्यायालय में कहा कि जिस अधिवक्ता ने प्रबंधन का पक्ष रखने का प्रयास किया, उन्हें इस मामले में अधिकृत नहीं किया गया था. इसके बाद न्यायालय ने प्रबंधन को काउंटर दाखिल करने में असफल मानते हुए 6 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की. यूनियन का दावा है कि अगली तिथि पर भी प्रबंधन के अनुपस्थित रहने पर न्यायालय कानूनी कार्रवाई कर सकता है. यूनियन का कहना है कि मामला औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33 से संबंधित है, जिसके तहत विवाद लंबित रहने तक सेवा शर्तों में एकतरफा बदलाव नहीं किया जा सकता. संयुक्त यूनियनों का कहना है कि वे बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के विरोधी नहीं हैं, बल्कि इसे कानून के अनुसार लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं. उनका तर्क है कि यह सेवा शर्तों में परिवर्तन का विषय है, इसलिए इसे नियमानुसार संशोधन के बाद ही लागू किया जाना चाहिए. फिलहाल इस मामले में सभी की निगाहें 6 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं.
बायोमेट्रिक अटेंडेंस मामले में CGIT कोर्ट में सेल प्रबंधन अनुपस्थित, 6 अगस्त को अगली सुनवाई

धनबाद स्थित सीजीआईटी (CGIT) कोर्ट. | Prabhat Khabar Network
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बायोमेट्रिक अटेंडेंस मामले में सेल प्रबंधन CGIT कोर्ट में अनुपस्थित रहा। अब मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी। जानें पूरी जानकारी।