वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल स्थित मातृ शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) में मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयों से ज्यादा महंगा पानी पड़ रहा है. यहां पिछले सात दिनों से आरओ प्लांट बंद पड़े हैं. नतीजतन मरीजों को बाजार से महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है. हालात यह हैं कि एक मरीज को औसतन रोजाना 200 रुपये सिर्फ पानी पर खर्च करना पड़ रहा है. यानी सात दिनों में ही परिजनों को 1400 रुपये से ज्यादा बोतल बंद पानी पर खर्च करने पड़े. अस्पताल में मुफ्त स्वच्छ पानी की व्यवस्था पूरी तरह ठप है. हंगामे की नौबत रविवार को जब मरीजों को पीने का पानी नहीं मिला, तो परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया. लोगों का आरोप है कि अस्पताल में पांच आरओ प्लांट लगे हैं, लेकिन प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा. शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. खराब आरओ, मजबूरी में गंदा पानी एमसीएच में लगाए गए पांचों आरओ प्लांट बंद पड़े हैं. महिला वार्ड और ओपीडी के सामने वाले प्लांट कई दिनों से खराब हैं. अस्पताल प्रबंधन ने न तो उनकी सर्विसिंग कराई और न ही मरम्मत. मजबूरी में मरीज और उनके परिजन नल से सीधे टंकी का पानी पीने को विवश हैं, जबकि वह पीने योग्य नहीं है. रोजाना 1000 से ज्यादा मरीज आते हैं एमसीएच में रोजाना ओपीडी और आईपीडी मिलाकर करीब 1000 मरीज पहुंचते हैं. इसके अलावा प्रसव कक्ष में भी भीड़ रहती है. लेकिन अस्पताल परिसर में स्वच्छ पेयजल की सुविधा ठप होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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