ओके: सजायाफ्ता बर्खास्त जूनियर इंजीनियर राम विनोद प्रसाद सिन्हा को मिली जमानत

: जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में हुई सुनवाई रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने खूंटी में 12 योजनाओं में लगभग 88 लाख रुपये की अवैध

: जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में हुई सुनवाई रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने खूंटी में 12 योजनाओं में लगभग 88 लाख रुपये की अवैध निकासी मामले में सजायाफ्ता जूनियर इंजीनियर राम विनोद प्रसाद सिन्हा की जमानत याचिका पर सुनवाई की. उनकी क्रिमिनल अपील सह जमानत पर सुनवाई के दाैरान अदालत ने प्रार्थी व सरकार का पक्ष सुना. इसके बाद अदालत ने प्रार्थी राम विनोद प्रसाद सिन्हा को जमानत दे दी. उनकी क्रिमिनल अपील अदालत पहले ही सुनवाई के लिए स्वीकार कर चुकी है. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता पांडेय नीरज राय ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि पांच साल की सजा में से प्रार्थी ने चार साल 11 माह की सजा काट ली है. उन्होंने हिरासत में बितायी गयी अवधि को देखते हुए जमानत देने का आग्रह किया. खूंटी थाना में राम विनोद प्रसाद सिन्हा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. हालांकि बाद में इस मामले में एसीबी ने भी कांड संख्या-64/2010 दर्ज किया था. इस मामले में निचली अदालत ने राम विनोद प्रसाद सिन्हा को दोषी पाने के बाद पांच वर्ष की सजा सुनायी थी. राम विनोद प्रसाद सिन्हा ने झारखंड हाइकोर्ट में क्रिमिनल अपील याचिका दायर कर सजा को चुनौती दी है. खूंटी मनरेगा घोटाले के आरोप में एसीबी ने 17 केस दर्ज किया है. राम विनोद प्रसाद सिन्हा पर अकूत संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है.

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Published by: Rana pratap

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