प्रखंड कार्यायल में छात्र से मारपीट के विरोध में ग्रामीणों ने पांच घंटे तक एनएच 80 को रखा जाम

प्रखंड कार्यायल में चरित्र प्रमाण पत्र पर बीडीओ से हस्ताक्षर कराने गये छात्र से मारपीट व पुलिस कब्जे में रखने के विरोध में ग्रामीणों ने मानो गांव के समीप लखीसराय-सूर्यगढ़ा एनएच 80 को शनिवार की देर रात्रि जाम कर दिया

रेलवे में नौकरी लगने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने भाई के साथ गया था अभ्यर्थी

एसआईआर कार्य में प्रतिनियुक्त एक शिक्षक ने आवेदन फाड़ा, जिसके विरोध में छात्र व उसके छोटे भाई से मारपीट

छात्र को पुलिस कब्जे से मुक्त किये जाने के बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटाया गया

बीडीओ मंजुल मनोहर मधुप व छात्र शिवम कुमार की मां ने सूर्यगढ़ा थाना में दिया आवेदन

सूर्यगढ़ा

. प्रखंड कार्यायल में चरित्र प्रमाण पत्र पर बीडीओ से हस्ताक्षर कराने गये छात्र से मारपीट व पुलिस कब्जे में रखने के विरोध में ग्रामीणों ने मानो गांव के समीप लखीसराय-सूर्यगढ़ा एनएच 80 को शनिवार की देर रात्रि जाम कर दिया. सड़क को जाम 10 बजे रात से रविवार की तड़के सुबह तीन बजे तक लगभग पांच घंटे तक जाम रखा गया. एसडीओ प्रभाकर कुमार व एसडीपीओ शिवम कुमार घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटाने में सफलता पायी. बताया जा रहा है कि मानो गांव के रहने वाले स्व मनोज सिंह के पुत्र शिवम कुमार को रेलवे में तकनीकी ग्रेड में नौकरी हुई है. शिवम के मुताबिक उन्हें सोमवार की सुबह योगदान के लिए चेन्नई जाना है. योगदान के कागजात में चरित्र प्रमाण पत्र की मांग की गयी है. उक्त प्रमाण पत्र के फॉर्मेट पर बीडीओ के हस्ताक्षर के बाद एसडीओ का हस्ताक्षर लिया जाना था. इसके लिए वे अपने छोटे भाई हिमांशु कुमार के साथ शनिवार को सूर्यगढ़ा प्रखंड कार्यालय आये. यहां आंबेडकर सभा भवन में बीडीओ मंजुल मनोहर मधुप से उक्त फॉर्मेट पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया. इसी क्रम में एसआईआर के लिए प्रतिनियुक्त किये गये एक शिक्षक द्वारा उनका आवेदन फाड़ दिया गया. जिसका विरोध करने पर छात्र व उसके छोटे भाई के साथ मारपीट की गयी. बाद में छात्र व उसके छोटे भाई को पुलिस को सौंप दिया गया. इस हाथापाई में बीडीओ मंजुल मनोहर मधुप एवं दूसरे पक्ष से उक्त छात्रा का छोटा भाई हिमांशु कुमार जख्मी हो गये. दोनों घायलों का सूर्यगढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार कराया गया. इधर, मामले को लेकर बीडीओ मंजुल मनोहर मधुप एवं दूसरे पक्ष के छात्र शिवम कुमार की मां द्वारा सूर्यगढ़ा थाना में आवेदन दिया गया है. रविवार अपराह्न दो बजे तक मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी थी.

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना था कि चूंकि छात्र शिवम कुमार की नौकरी लगनी है. उसे चरित्र प्रमाण पत्र लेकर सोमवार की सुबह चेन्नई के लिए प्रस्थान करना है. इसलिए पुलिस कब्जे से शिवम व उसके भाई हिमांशु कुमार को मुक्त किया जाय तथा शिवम को अविलंब चरित्र प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाय, ताकि वह चेन्नई जाकर नौकरी में अपना योगदान कर सके. ग्रामीण प्रखंड कार्यालय परिसर में कर्मी द्वारा शिवम एवं उसके भाई के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा रहे थे. मौके पर पहुंचे एसडीओ प्रभाकर कुमार एवं एसडीपीओ शिवम कुमार ने छात्र शिवम कुमार को पुलिस हिरासत से मुक्त कर ग्रामीणों को न्याय का भरोसा देते हुए जाम को हटावाया.

घटना का वीडियो हो रहा वायरल

इधर, प्रखंड कार्यालय परिसर में चरित्र प्रमाण पत्र पर बीडीओ का हस्ताक्षर लेने गये छात्र का आवेदन फॉर्मेट फाड़ दिये जाने एवं प्रखंड कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किये जाने को लेकर बीडीओ मंजुल मनोहर मधुप द्वारा थाना में मामले को लेकर दिया गया आवेदन सोशल मीडिया पर रविवार की अपराह्न दो बजे से तेजी से वायरल हो रहा है.

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