नगर परिषद ने रेल इंजन कारखाना को 11.35 करोड़ सर्विस चार्ज का किया डिमांड

जमालपुर नगर परिषद ने रेल इंजन कारखाना जमालपुर पर सर्विस चार्ज के बकाया करोड़ों रुपए के भुगतान के लिए पत्र लिखा है. जिसमें वित्तीय वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024-25

जमालपुर नगर परिषद ने रेल इंजन कारखाना जमालपुर पर सर्विस चार्ज के बकाया करोड़ों रुपए के भुगतान के लिए पत्र लिखा है. जिसमें वित्तीय वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक के लिये कुल 11.35 करोड़ रूपये का डिमांड किया गया है. नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी विजयशील गौतम ने सहायक नगर अभियंता पूर्व रेलवे जमालपुर को पत्र लिखकर उक्त राशि का डिमांड किया है. जिसमें कहा गया है कि नगर परिषद जमालपुर का वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक के सर्विस चार्ज भुगतान हेतु भेजे गए मांग पत्र में संशोधन करते हुए रेलवे क्षेत्र के सड़कों का अलग-अलग वर्गीकरण, रेल इंजन कारखाना के क्षेत्रफल में सुधार करते हुए एवं व्यवसायिक रेलवे भवनों तथा आवासीय रेलवे भवनों को अलग-अलग करते हुए मांग पत्र तैयार किया गया है. जो लगभग 11 करोड़ 35 लाख 9 हजार रुपए हैं. रेल इंजन कारखाना के कुल क्षेत्र 87,96,256 वर्ग फीट है. जिसका वार्षिक किराया मूल्यांकन 29,05,64,574 रुपए होता हैं. जिसके लिए 9% की दर से संपत्ति कर 2,61,50,813 रुपए होता हैं. वहीं 33.33% सर्विस चार्ज की दर से प्रत्येक वित्तीय वर्ष का 87,16,066 रुपए होता हैं. दोनों को मिलाकर कुल राशि 6,97,28,528 रुपए है. इसी प्रकार रेलवे का कुल खाली क्षेत्र 5,58,06,600 वर्ग फिट है. जिसका वार्षिक किराया मूल्यांकन शून्य है, परंतु संपत्ति कर 9% की दर से 1,64,19,372 रुपए होता हैं. इस प्रकार निर्माण व खाली क्षेत्र को मिलाकर कुल कुल संपत्ति कर 4,25,70,185 रुपए होता हैं. वहीं सर्विस चार्ज के रूप में प्रत्येक वित्तीय वर्ष का 54,72,577 रुपए होता है. जिससे निर्माण व खाली क्षेत्र का प्रत्येक वित्तीय वर्ष सर्विस चार्ज 1,41,88,643 रुपए होता है. पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024 25 तक 8 वर्ष में निर्माण क्षेत्र का वार्षिक किराया मूल्यांकन, संपत्ति कर और सर्विस चार्ज कुल 6,97,28,528 रुपए तथा खाली क्षेत्र का संपत्ति कर और सर्विस चार्ज कुल 4,37,80,616 रुपए होता हैं. जो कुल 11 करोड़ 35 लाख 9 हजार 144 रुपए हैं. उल्लेखनीय है कि नगर परिषद द्वारा पूर्व में दिए गए मांग विवरण को लेकर रेलवे द्वारा नगर परिषद से निर्माण और खाली क्षेत्र को अलग-अलग कर संशोधित मांग पत्र देने को कहा गया था. जिसके आधार पर कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा संशोधित पत्र भेजा गया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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