Dhanbad News: एआरवी की किल्लत के बीच एसएनएमएमसीएच में 100-100 रुपये लेकर वैक्सीन लगाने पर जोरदार हंगामा

जिले के दो प्रमुख अस्पतालों समेत स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक पिछले दो दिनों से पूरी तरह खत्म हो जाने के कारण मरीजों की परेशानी चरम

जिले के दो प्रमुख अस्पतालों समेत स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक पिछले दो दिनों से पूरी तरह खत्म हो जाने के कारण मरीजों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है. रोजाना आवारा कुत्तों व अन्य पशुओं के काटने के शिकार लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन एआरवी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है.

इस गंभीर स्थिति के बीच एसएनएमएमसीएच से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि अस्पताल के कुछ कर्मियों ने आपदा को अवसर में बदलते हुए आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षित रखे गए एआरवी को पैसे लेकर मरीजों को देना शुरू कर दिया.

100-100 रुपये लेकर इंजेक्शन देने की बात सामने आने पर हंगामा

बताया जा रहा है कि हर मरीज से 100-100 रुपये वसूले जा रहे थे. जैसे ही इस अवैध वसूली की जानकारी अन्य मरीजों और उनके परिजनों को हुई. मंगलवार को एसएनएमएमसीएच की ओपीडी में जमकर हंगामा हुआ. मरीजों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की. हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और तत्काल प्रभाव से एआरवी केंद्र को बंद कर दिया गया.

पशुओं के काटने के बाद एआवी लेना जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते या किसी भी संदिग्ध पशु के काटने के बाद समय पर एआरवी लेना बेहद जरूरी होता है. अन्यथा रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में एआरवी की कमी और उस पर अवैध वसूली जैसे मामले बेहद चिंताजनक हैं.

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By Vicky Prasad

Vicky Prasad is a contributor at Prabhat Khabar.

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