Chaibasa News : हजारीबाग ओपन जेल में रहेंगे सरेंडर करने वाले सभी नक्सली

सरकार की सरेंडर नीति के तहत मिलेगा लाभ, परिवार से मिल सकेंगे

चाईबासा. झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में गुरुवार को सरेंडर करने वाले सभी 10 नक्सलियों को विशेष सुविधा के तहत हजारीबाग के स्पेशल ओपन जेल में रखा जायेगा. उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. वे अपने परिवार के साथ मिल-जुल सकेंगे. घर आने-जाने की अनुमति भी रहेगी. डीजीपी गुरुवार को पुलिस केंद्र चाईबासा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे. इसके पूर्व डीजीपी ने पुलिस केंद्र शहीद स्मारक पर शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि सरकार की सरेंडर नीति के तहत नक्सलियों को सरकारी लाभ मिलेंगे. नक्सली मुख्यधारा में आकर अपने परिवार और बच्चों की बेहतर सेवा और शिक्षा सुनिश्चित करें.

कोल्हान व सारंडा में माओवादी गतिविधियों पर लगेगा अंकुश :

डीजीपी ने कहा कि 10 नक्सलियों का समर्पण संगठन पर बड़ा प्रहार है. इससे कोल्हान व सारंडा में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा. झारखंड पुलिस, कोबरा, झारखंड जगुआर व सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान के कारण पिछले तीन वर्षों में नक्सली संगठन पर लगातार दबाव बना है. पश्चिमी सिंहभूम के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में आम जनमानस के बीच सुरक्षा भाव बनाये रखने के लिए तीन वर्षों में नये सुरक्षा कैंप स्थापित किये गये हैं. इसके परिणाम स्वरूप नक्सलियों का दायरा सिमट रहा है.

डीजीपी ने कहा कि 31 दिसंबर, 2025 तक झारखंड में नक्सलियों का सफाया हो जायेगा. राज्य में नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त हो जायेगा. पुलिस का सूचना तंत्र काफी मजबूत और सशक्त है. इस कारण हमारे ऑपरेशन सफल हो रहे हैं. हमारे जो अधिकारी अच्छा कार्य कर रहे हैं, हम उनका पूरा ख्याल रखते हैं. अभियान में मारे गये अधिकारी व जवान को सरकार की नीतियों के तहत एक करोड़ 10 लाख रुपये और अन्य सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं.

पश्चिमी सिंहभूम में तीन साल में 175 नक्सली हुए गिरफ्तार

डीजीपी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में पश्चिमी सिंहभूम जिले में 26 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. वर्ष 2022 से अबतक 9631 अभियान चलाये गये हैं. इस दौरान 175 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं. मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गये हैं. वहीं, भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और कारतूस बरामद किये गये हैं.

20 वर्षों में राज्य ने 500 से अधिक जवानों को खोया

डीजीपी ने कहा कि बीते 20 वर्षों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में झारखंड ने 500 से अधिक जवान खोया है. अब राज्य में चंद नक्सली बच गये हैं. इस साल के अंत तक सभी नक्सलियों को सरेंडर करा देंगे या मारे जाएंगे. इस साल राज्य में 33 नक्सली मारे गये हैं. हम चाहते हैं कि देश व राज्य में शांति हो. अगर कोई सोचता है कि वह कानून से ऊपर है, तो गलत है. उन्होंने कहा कि एक करोड़ के इनामी नक्सली को मारने या पकड़ने पर जवानों को रिवार्ड दिया जाता है. सरेंडर नीति में लीगल एडवाइजर व घर बनाने के लिए सहयोग किया गया है. उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान में सीआरपीएफ का बहुत बड़ा योगदान होता है. राज्य में हर हफ्ता नक्सली मारे जा रहे हैं.

नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामले

– गार्दी कोड़ा (20) : टोंटो थाना में विस्फोटक अधिनियम, आर्म्स एक्ट, 17 सीएलए एक्ट एवं 13 यूएपी एक्ट का पांच कांड दर्ज.

– रांदो बोयपाई उर्फ क्रांति : टोंटो में एक केस

– जॉन उर्फ जोहन पुरती (20) : टोंटो थाना में चार केस

– निरसो सिद्दू उर्फ आशा उर्फ निराशा (20) : छोटानागरा थाना में चार केस

– घोनोर देवगम (18) : टोंटो थाना में दो मामले

– गोमिया कोड़ा उर्फ टार्जन (20) : टोंटो थाना में एक केस

– कैरा कोड़ा (20) : एक केस

– कैरी कायम उर्फ गुलांची (22) : टोंटो थाना में एक मामला

– सावित्री गोप उर्फ फुटबॉल (18) : गुवा थाना में एक केस

– प्रदीप सिंह मुंडा : छोटानागरा थाना में एक कांड दर्ज

उग्रवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील

डीजीपी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को ओपन जेल में रखा जाता है. उन्हें परिवार के लोगों से मिलने का अवसर भी मिलता है. राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सलियों को नया जीवन देने का अवसर है. उन्होंने उग्रवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीआरपीएफ आइजी साकेत सिंह, आइजी अभियान माइकल एस राज, आइजी एसटीएफ अनूप बिरथरे, कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा, चाईबासा एसपी अमित रेणु समेत अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL PATHAK

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >