गया जी में 23 व तीन बेंच शेरघाटी में गठित

गया व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत कल, सभी तैयारियां पूरी

गया व्यवहार न्यायालय में नौ मई को राष्ट्रीय लोक अदालत कल, सभी तैयारियां पूरी

शेरघाटी में भी तीन बेंचों की व्यवस्था, न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं की देखरेख में होगा मामलों का निष्पादन

संवाददाता, गया

वर्ष 2026 की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत गया व्यवहार न्यायालय में नौ मई को आयोजित की जायेगी. इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. लोक अदालत के सफल संचालन को लेकर न्यायालय प्रशासन की ओर से व्यापक स्तर पर व्यवस्था की गयी है. इस अवसर पर अधिक से अधिक मामलों के त्वरित निष्पादन की उम्मीद जतायी जा रही है. राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए गया व्यवहार न्यायालय में कुल 23 बेंचों का गठन किया गया है, जबकि शेरघाटी अनुमंडलीय न्यायालय में तीन बेंचों की व्यवस्था की गयी है. इन बेंचों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के लंबित वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया जायेगा. बेंच नंबर एक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शशिकांत ओझा व पैनल अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद को जिम्मेदारी दी गयी है. बेंच नंबर दो में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय अभिषेक कुमार भान एवं पैनल अधिवक्ता अजय कुमार सिंह, बेंच नंबर तीन में उत्पाद न्यायालय के विशेष न्यायाधीश द्वितीय आशुतोष पांडे एवं पैनल अधिवक्ता बृजेश चंद्र महतो को तैनात किया गया है. इसी तरह बेंच नंबर चार में विशेष न्यायाधीश तृतीय पीयूष कुमार, बेंच नंबर पांच में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश 12 राजेश पांडे, बेंच नंबर छह में पोक्सो कोर्ट की विशेष न्यायाधीश रचना अग्रवाल, बेंच नंबर सात में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश 15 राजेश मोहन तथा बेंच नंबर आठ में विशेष न्यायाधीश मनीष कुमार शाही को रखा गया है. बेंच नंबर नौ से लेकर 13 तक विभिन्न न्यायिक अधिकारियों एवं पैनल अधिवक्ताओं की तैनाती की गयी है, जिनमें किरण चतुर्वेदी, रंजीत कुमार, प्रकाश कुमार राय, विभूति भूषण और रिचा रंजन शामिल हैं. वहीं बेंच नंबर 14 से 23 तक रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में मामलों का निष्पादन किया जायेगा.

पक्षकारों में भी उत्साह

शेरघाटी अनुमंडलीय न्यायालय में तीन बेंचों का गठन किया गया है, जिसमें एसीजेएम प्रथम राजेश कुमार सिंह, एसीजेएम तृतीय संजय कुमार एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मनोज कुमार उपस्थित रहेंगे. इन बेंचों के माध्यम से भी सुलह-समझौते के आधार पर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जायेगा. लोक अदालत को लेकर पक्षकारों में भी उत्साह देखा जा रहा है. न्यायालय प्रशासन का मानना है कि इस आयोजन से लंबित मामलों के निबटारे में तेजी आयेगी और आम लोगों को न्याय सुलभ एवं सरल तरीके से मिल सकेगा.

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