खरसावां. खरसावां प्रखंड के बागरायडीह गांव स्थित प्राचीन माता दुर्गा मंदिर लोक आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां मां दुर्गा की आराधना वन दुर्गा के स्वरूप में वर्ष 1940 से होती आ रही है. श्रद्धालुओं की मान्यता है कि सच्चे मन से की गयी प्रार्थना यहां कभी व्यर्थ नहीं जाती और माता सभी कष्ट हरकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. इस मंदिर में साल भर प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है. प्रत्येक रविवार और एकादशी के दिन यहां विशेष पूजा आयोजित की जाती है. विजयादशमी के दूसरे दिन एकादशी को तो हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं. विशेष पूजा के साथ यहां पारंपरिक अनुष्ठान भी आयोजित होते हैं जिनमें अग्निकुंड पर चलना प्रमुख है. श्रद्धालु आस्था के शक्ति प्रदर्शन के तहत दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलते हैं और मान्यता है कि माता की कृपा से उनके पैरों पर छाले तक नहीं पड़ते. मंदिर में प्रतिवर्ष दुर्गा पूजा पर बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यक्रम और मेला आयोजित होता है. इस वर्ष दुर्गा पूजा कार्यक्रम 25 सितंबर से 3 अक्तूबर तक चलेगा.इस वर्ष 2 अक्टूबर को जागरण सह मां अम्बे की पूजा और दांडी पड़ाव कार्यक्रम होगा, जबकि 3 अक्तूबर को मुख्य पूजा सह मेला तथा अग्निपरीक्षा अनुष्ठान संपन्न होंगे.
पूजा कार्यक्रम
– 25 सितंबर, गुरुवार – खंडाबसा– 28 सितंबर, रविवार (3 बजे तक) – महाषष्ठी बेलवरण
– 29 सितंबर, सोमवार (5 बजे तक) – महासप्तमी ठाकुरानी पूजा– 30 सितंबर, मंगलवार (6 बजे तक) – महाअष्टमी बड़ पूजा
– 1 अक्तूबर, बुधवार (6:30 बजे शाम तक) – महानवमी विश्राम– 2 अक्तूबर, गुरुवार – विजयादशमी जागरण एवं सुदशा व्रत
– 3 अक्तूबर, शुक्रवार – एकादशी मुख्य पूजा सह अग्निपरीक्षाडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
