मौसम में बदलाव से बीमार पड़ रहे लोग, रहें सतर्क

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी में रोजाना पहुंच रहे 100-120 मरीजडायरिया, सर्दी, खांसी, बुखार, सिर, बदन दर्द, चर्म रोग की हो रही समस्याप्रतिनिधि, चेनारी मौसम में लगातार हो रहे है

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी में रोजाना पहुंच रहे 100-120 मरीज

डायरिया, सर्दी, खांसी, बुखार, सिर, बदन दर्द, चर्म रोग की हो रही समस्या

प्रतिनिधि, चेनारी

मौसम में लगातार हो रहे है बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है. कभी बारिश और कभी तीखी धूप से समन्वय नहीं बना पाने के कारण आमजन मौसमजनित बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं. डायरिया, सर्दी, खांसी, बुखार, सिर, बदन दर्द, चर्म रोग के रोजाना 100-120 मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी (अस्पताल) में इलाज कराने आ रहे हैं. इनमें से डायरिया, मलेरिया, बुखार के गंभीर रोगियों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. जबकि सामान्य मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर दवाएं और सलाह देकर घर भेज दिया जा रहा है. दरअसल प्रखंड क्षेत्र में सोमवार से लगातार बारिश हो रही है, इसके कुछ देर बाद धूप निकल रही है. जिसका लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. गुरुवार को भी झमाझम बारिश के बाद हल्की धूप निकली. अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम 28 डिग्री था. हालांकि अगले एक दिन बाद बादल रहने के भी संकेत मिल रहे हैं. चार- पांच जुलाई को बारिश होने की भी आशंका है. दूसरी ओर बारिश से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे संक्रमित रोगों के होने पर डर भी लोगों में बना हुआ है.

बरसात में स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी

सीएचसी अस्पताल डॉ. कृष्णा कुमार बताते हैं कि बरसात में वर्षा का पानी, धूप व गंदगी से बचने की जरूरत है. स्वच्छता पर ध्यान दें और जमा पानी में किरासन तेल डालें. बरसात में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. ऐसे में कारण खान-पान व रहन-सहन पर ध्यान देना जरूरी है. इस मौसम में हल्का व शीघ्र पचने वाला आहार लेना चाहिए. गरिष्ठ भोजन व तले हुए चटपटे स्वाद वाले खाद्य पदार्थ से बचना चाहिए. खुल में बिक रही खाद्य सामग्री को खाने से परहेज करें.

मलेरिया के लक्षण और बचाव के उपाय

बरसात में मच्छरों के काटने से मलेरिया बुखार होता है. तेज बुखार, ठंड लगना और शरीर में दर्द इसके लक्षण हैं. इससे बचाव के लिए मच्छरदानी के नीचे सोएं. शरीर को ढंकने के लिए लंबी पैंट और लंबी आस्तीन वाले कपड़े पहनें. आसपास उचित जल निकासी सुनिश्चित करें.

टाइफाइड की रोकथाम के उपाय

टाइफाइड एक जीवाणु संक्रमण है, जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है. बुखार, कमजोरी, पेट दर्द, सिरदर्द और भूख न लगना इसके लक्षण हैं. उबालकर या आरओ का पानी पियें. हाथों कों साबुन से धोते रहें. खुले में बिकनेवाले खाद्य पदार्थ न खायें. ताजा और पूरी तरह पका हुआ भोजन करें.

डायरिया से ऐसे करें बचाव

डायरिया गंभीर दस्त रोग है, जो विब्रियो कोलेरा बैक्टीरिया से दूषित भोजन या पानी के सेवन से होता है. इससे पानी जैसा दस्त और निर्जलीकरण होता है. स्वच्छ पानी पीएं. हाथों को नियमित साबुन और पानी से धोएं. पका हुआ भोजन खाएं और कच्चा या अधपका भोजन खाने से बचें.

वायरल बुखार

बरसात में वायरल बुखार आम है. बुखार, शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द, थकान, कमजोरी इसके लक्षण हैं. व्यक्तिगत स्वच्छता बनाये रखें. संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से बचें.संतुलित आहार और पर्याप्त आराम जरूरी है.

मौसम में बदलाव होने पर 100-120 मौसमजनित रोग के मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर दवाएं और सलाह दी जा रही है. गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. दवाएं पर्याप्त हैं.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अविनाश सिंहB

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Author: ANURAG SHARAN

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