मारीशस में डॉ नीतू कुमारी नूतन ने बिखेरी लोक कला की छटा, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने की मुक्त कंठ से प्रशंसा

””””बिहार बिम्बो गीत”””” सुन भावविभोर हुए मारीशस के प्रधानमंत्री, कला प्रतिभा को सराहा.पटना. अपनी सुमधुर गायिकी से वैश्विक पटल पर भारत का नाम रोशन कर रहीं राष्ट्रपति अवार्डी, लोक संस्कृति

””””बिहार बिम्बो गीत”””” सुन भावविभोर हुए मारीशस के प्रधानमंत्री, कला प्रतिभा को सराहा.

पटना.

अपनी सुमधुर गायिकी से वैश्विक पटल पर भारत का नाम रोशन कर रहीं राष्ट्रपति अवार्डी, लोक संस्कृति की राजदूत और बिहार की बेटी डॉ नीतू कुमारी नूतन मारीशस में आयोजित तीन दिवसीय ”’बिहार दिवस समारोह’ में लोक कला के विविध रंगों की छटा बिखेर स्वदेश लौट आयीं हैं. मारीशस में बिहार दिवस के अवसर पर भारतीय उच्चायोग, भारत सरकार एवं बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सांस्कृतिक समारोह में डॉ नूतन को लोक कला के क्षेत्र में बिहार से एकल प्रतिनिधित्व करने हेतु भेजा गया था. 20 से 22 मार्च तक चले इस तीन दिवसीय आयोजन के प्रथम दिन मुख्य अतिथि के रूप में मारीशस के राष्ट्रपति धर्म गोखूल उपस्थित रहे. उन्होंने डॉ नूतन द्वारा प्रस्तुत भारतीय लोक कला के विविध स्वरूपों का अवलोकन किया और उनकी गायिकी की भरपूर सराहना की. राष्ट्रपति डॉ नूतन की कला-प्रतिभा से विशेष रूप से प्रभावित दिखे. समारोह के समापन अवसर पर मारीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम मुख्य अतिथि के रूप में विशेष तौर पर मौजूद रहे. डॉ नूतन ने प्रधानमंत्री के समक्ष भगवती गीत, पारंपरिक लोक गीत और लोक आस्था के महापर्व छठ से जुड़े कई मधुर गीत प्रस्तुत किए. इस दौरान उन्होंने भारत और मारीशस के बीच के ऐतिहासिक व अटूट रिश्तों को रेखांकित करते हुए विलुप्त हो रहे ”बिहार बिम्बो गीत” को अपने विशिष्ट अंदाज में पेश किया, जिसने खूब वाहवाही लूटी. डॉ नूतन की प्रस्तुति के दौरान प्रधानमंत्री श्री रामगुलाम भावविभोर नजर आए. उन्होंने कलाकार की उत्कृष्ट प्रतिभा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और आत्मीयता प्रकट करते हुए उन्हें पुनः मारीशस की धरती पर अपनी कला का परचम लहराने के लिए आमंत्रित किया. सफल यात्रा से आह्लादित डॉ नूतन ने मारीशस, भारत और बिहार सरकार के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इस सांस्कृतिक यात्रा से दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक संबंध और अधिक सुदृढ़ हुए हैं. डॉ नूतन ने साझा किया कि बिहार दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति उनके लिए व्यक्तिगत रूप से गौरव का विषय है. उन्होंने यह भी कहा कि मारीशस की पावन भूमि पर बसने वाले भारतीयों का हृदय लोक कलाओं का रसास्वादन कर निहाल हो गया. इस यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए डॉ नूतन ने कहा कि उन्हें स्पष्ट रूप से महसूस हुआ कि मारीशस में भारत की आत्मा बसती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Panchdev kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >