जहां न चला खुरपी-कुदाल, वहां लग रहा जनसंवाद

सासाराम नगर. हमारी नगर निगम की सरकार भी अजीब है. दो वर्ष हो गये इन 52 गांवों को शहर में समाहित हुए. अब तक निगम की ओर से अब तक

सासाराम नगर. हमारी नगर निगम की सरकार भी अजीब है. दो वर्ष हो गये इन 52 गांवों को शहर में समाहित हुए. अब तक निगम की ओर से अब तक जो कुछ कार्य हुआ है, वह यह पूछने लायक नहीं कि और क्या चाहिए. बावजूद इसके निगम व जिला प्रशासन इन 52 गांवों के लोगों से यह पूछ रही है कि आपको क्या नहीं मिला? आपको और क्या जरूरत है? यह बात वार्ड एक, दो और तीन में जनसंवाद के आयोजन के बाद लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग कह रहे हैं कि आप अगर सौ रुपये किसी को खर्च के लिए दिये हैं, तो हिसाब मांग कीजिए कि कहां और कितना खर्च किया. जब आप इन क्षेत्रों में जो योजना दिये ही नहीं हैं, तो फिर आपको सिरे से योजनाओं का क्रियान्वयन कराना होगा. तब आप पूछे कि क्या छूटा और क्या चाहिए. पर, यहां बात नीचे से हो रही है कि तुम्हे जरूरत क्या है? जबकि विस्तारित क्षेत्रों में पहले से जो काम हुआ है, वह ग्राम पंचायत से हुआ है. शहर के रूप में तो शायद हीं इन 52 गांवों में किसी में कुछ हुआ है. स्ट्रीट लाइट, नाली-गली, पेयजल आदि योजनाएं निगम के फाइलों में हैं. जब इसे पूरा कर लें. इसके बाद लोगों से पूछते कि आपकी गली में स्ट्रीट लाइट लगी या नहीं? और कितने की जरूरत है? नाली-गली कहां बनाना है? पेयजल की स्थिति बदतर है. अपने स्तर से निगम योजना दे और पूरा करें. फिर जनसंवाद करें, तो लोगों को लाभ मिलेगा. स्ट्रीट लाइटों पर खर्च होने हैं 10 करोड़ रुपये गत फरवरी माह में निगम की सरकार ने विस्तारित क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए निर्णय लिया था. मेयर काजल कुमारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में करीब 84 गांवों की गलियों को जगमग करने के लिए बात हुई थी. इन गांवों (जो अब शहर का क्षेत्र हो चुके हैं) में 10 करोड़ रुपये खर्च कर सेंसरयुक्त 70 वाट की 11314 स्ट्रीट लाइटें लगानी थी. इसके लिए स्वीकृति भी प्रदान कर दी गयी थी. इन लाइटों को जलाने के लिए प्रत्येक माह करीब 17 लाख रुपये बिजली विभाग को भुगतान करने का निर्णय भी हुआ था. लेकिन, धरातल पर स्ट्रीट लाइटें अब तक नहीं लगी हैं और जनसंवाद में सवाल आ रहे हैं कि हमारी गली में स्ट्रीट लाइट नहीं है. अधिकांश योजनाओं की स्थिति भी धीमी नगर निगम की मानें तो विस्तारित क्षेत्र एक, दो और तीन वार्ड में दो वर्षों में अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ की योजनाएं पूरी हो चुकी हैं. लेकिन, लोगों की सबसे बड़ी जरूरत स्ट्रीट लाइट, शौचालय आदि योजनाएं इन क्षेत्रों में अब तक नहीं हो सकी है. ऐसे में जनसंवाद में लोग अपनी भड़ास निकाल चुप हो जा रहे हैं. पहले निगम कुछ कार्य करा लेता और फिर पूछता, कौन छूटा है और जरूरत किसको है. अभी तो सभी लोगों को लगभग सभी योजनाओं की जरूरत है. निगम के इन गांवों में शहर की चमक की जरूरत: तुर्की, बाराडीह, मुरादाबाद खुर्द, नेकरा, सेमरा, बैजला, करमडीहरी, तेतरी, धुआं, कठडिहरी, सुंभा, गोटपा, कर्मा, उचितपुर, हरिपुर, न्याय, नेकरा, मुरादाबाद खुर्द, मुरादाबाद कला, डिहरा, रामपुर जोईं, सैदाबाद, डोरियांव, कुम्हउ, सराय, पट्टी चतुर्भुज, बलथुआ, बरनसिया, बेलाढ़ी, बेदा, मोहद्दीगंज, कुराईच, बलुआ टोला, सुंदर टोला, पूरब टोला, खैरा, भताढ़ी, करपूरवा, निरंजनपुर, विसुनपुरा, सिंगुही, नौगाई, भदोखरा, महरनियां, अग्नी, सिकरिया, बेलहर, मलांव, सोनगांवा, कोटा, हेतिमपुर, अहरांव, मिश्रीपुर, धनपुरवा, मदैनी, उधोपुर, बसंतपुर, घटमापुर, नीमा, अदमापुर, दवनपुर, अमरी, दुर्गापुर, अमरा, बांसा, जगदवनडीह, करवंदिया, गायघाट, फाजीलपुर, गिजवाहीं, कंचनपुर, कुरदैन और धनकाढ़ा. क्या कहते हैं वार्ड पार्षद कई कार्य पाइपलाइन में हैं. वे कार्य पूरे हो जाते और फिर जनसंवाद लगता, तो लोग और भी योजनाओं पर बात करतें. फिलहाल जनसंवाद में लोगों ने जो बातें रखी हैं, वह कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है. -रूखसार फिरदौस, पार्षद वार्ड संख्या-01 दो वर्ष हो चुके हैं. इन दो वर्षों में करीब सात योजनाएं हमारे वार्ड में पूरी हुई हैं. ढेर सारी योजनाएं पाइप लाइन में हैं. हमारा क्षेत्र गांव था. ऐसे में शहर की तरह योजनाओं की दरकार ज्यादा है. कुछ काम और हो जाता, तो जनसंवाद लगाने पर लोगों को फायदा होता. -गुड्डु कुमार, पार्षद वार्ड संख्या-02 हमारे वार्ड में करीब 80 लाख रुपये की योजना पूरी हो चुकी है. करोड़ों की योजना टेंडर में है. शौचालय, स्ट्रीट लाइट, सिंचाई की व्यवस्था पर अब तक कार्य नहीं हो पाया है. जब कार्य पूरे हो जायेंगे और जनसंवाद लगता, तो हमारे लोगों को और लाभ मिलता -जितेन्द्र कुमार, पार्षद वार्ड संख्या-03 जनसंवाद विस्तारित क्षेत्रों में इस लिए कराया जा रहा है कि सामूहिक रूप से योजनाओं को लेकर एक साथ कार्य कराया जाए. ताकि जल्द से जल्द हमारे नये क्षेत्र पुराने वार्डों की तरह बन जाएं. इसके लिए विभाग से स्पष्ट निर्देश है कि तत्काल इन योजनाओं को पूर्ण कराना है.-विकास कुमार, नगर आयुक्त, नगर निगम, सासाराम निकायों के विस्तारित क्षेत्रों में जनसंवाद स्थगित सासाराम नगर. सरकार ने नगर निकायों के विस्तारित क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है. आगामी 22 अप्रैल को जनसंवाद कार्यक्रम का शुभारंभ होगा. इसके बाद माइक्रो प्लान के तहत जनसंवाद की तिथि तय होगी. ऐसे में नगर निगम का 21 को होने वाला जनसंवाद की तिथि में बदलाव करना पड़ेगा. 21 को निगम के तीन वार्डो चार, पांच और छह में जनसंवाद कार्यक्रम होने वाला था. हालांकि, नगर निगम सासाराम और नोखा नगर पर्षद में जनसंवाद 15 अप्रैल से शुरू हो चुका है. जो, अब बीच में रूकेगा.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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