इटखोरी. राजकीय इटखोरी महोत्सव का समय नजदीक आते ही मां भद्रकाली मंदिर परिसर व बाहरी हिस्से का फिजां बदल रहा है. मंदिर परिसर की बाउंड्री समेत अन्य भवनों का रंग रोगन कराया जा रहा है, जिससे पुराने दीवार चमकने लगे हैं. मंदिर परिसर के चारों तरफ बाउंड्रीवाल व मुख्य प्रवेश द्वार, भवन का रंगाई किया जा रहा है. रंग रोगन का काम भवन प्रमंडल विभाग द्वारा किया जा रहा है. बाउंड्रीवाल में उत्कीर्ण प्रतिमाओं के चित्रों की पेंटिंग नहीं किये जाने से सभी प्रतिमाओं का रंग फीका पड़ गया है. लोगों को इस बात का पता भी नहीं चलता है कि किस चीज की प्रतिमा है. वर्ष 2017 के बाद उत्कीर्ण प्रतिमाओं कभ् पेंटिंग नहीं की गयी है, जिससे सभी मिटते जा रहे हैं. उक्त चित्रों के माध्यम से पर्यटकों को मंदिर परिसर में निकले प्राचीन अवशेषों की जानकारी मिलती थी.
इटखोरी महोत्सव को लेकर रंगरोगन का कार्य जोरों पर
इटखोरी. राजकीय इटखोरी महोत्सव का समय नजदीक आते ही मां भद्रकाली मंदिर परिसर व बाहरी हिस्से का फिजां बदल रहा है. मंदिर परिसर की बाउंड्री समेत अन्य भवनों का रंग
