मौत की खबर मिलते ही हरसिद्धि में मचा कोहराम, पत्नी-बच्चों की चीख-पुकार से हर आंख हुई नम

हरसिद्धि में सड़क हादसे में राजेश प्रसाद की मौत से परिवार में मातम पसर गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

हरसिद्धि : सड़क हादसे में राजेश प्रसाद की मौत की खबर जैसे ही हरसिद्धि गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया. देखते ही देखते मृतक के घर पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई. परिजनों की चीख-पुकार और महिलाओं के विलाप से पूरा माहौल गमगीन हो उठा. घर के चारों ओर केवल रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं. मृतक की पत्नी प्रीति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. वह बार-बार बेहोश हो जा रही थीं. होश में आते ही पति को याद कर फूट-फूटकर रो पड़तीं और अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों के भविष्य की चिंता में विलाप करने लगतीं. वह बार-बार कह रही थीं, "हमार राजा हमरा के छोड़ के चल गइलें, अब हम कैसे जियब, तीन छोट-छोट बच्चा के परवरिश अकेले कैसे करब. भगवान हमार सब कुछ छीन लिहलें. वहीं मृतक की मां नंद कुमारी देवी और पिता लखन प्रसाद जवान बेटे का शव देखते ही दहाड़ मारकर रो पड़े. पिता बार-बार यही कहते रहे कि अब इस परिवार का सहारा कौन बनेगा. उनकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहे. गांव के लोग भी इस मंजर को देखकर खुद को संभाल नहीं पा रहे थे. राजेश प्रसाद दो भाइयों में छोटे थे. बड़े भाई मुकेश कुमार घर-परिवार के कार्यों में हाथ बंटाते हैं, जबकि राजेश मोटरसाइकिल मैकेनिक का काम करने के साथ स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाकर पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे. उन्हीं की कमाई से माता-पिता, पत्नी और तीन छोटे बच्चों का जीवनयापन होता था. परिजनों के अनुसार वे एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में हुए सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई. करीब छह वर्ष पूर्व राजेश का विवाह थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी प्रीति देवी से हुआ था. उनके तीन छोटे बच्चे हैं. बड़ी बेटी साक्षी (5 वर्ष), बेटा प्रिंस (4 वर्ष) और सबसे छोटा बेटा सोनू (2 वर्ष) अभी इस बात से अनजान हैं कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे. तीनों मासूम कभी मां के आंसू पोंछते तो कभी घर में मौजूद लोगों को निहारते नजर आए. यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया. पिता लखन प्रसाद ने बताया कि राजेश अपनी स्पेयर पार्ट्स की दुकान और बाइक मैकेनिक के काम से पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाते थे. उनके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मां नंद कुमारी देवी बार-बार बेहोश हो रही थीं और जवान बेटे को याद कर विलाप कर रही थीं. घटना के बाद गांव में तनाव और शोक का माहौल बना हुआ है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही. गांव में हर ओर शोक की लहर है और लोग मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं.

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Author: Braj kishor prasad

Published by: Janardan Pandey

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