नेपाल की बारिश से उफनाई गंडक,एक लाख क्यूसेक गंडक नदी में छोड़ा

नेपाल में भारी बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग ने अलर्ट जारी कर स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है।

वाल्मीकिनगर: नेपाल के तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब गंडक नदी पर साफ दिखाई देने लगा है. गुरुवार को गंडक नदी का जलस्तर बढ़कर करीब एक लाख क्यूसेक के करीब पहुंच गया. जिससे जल संसाधन विभाग की सतर्कता बढ़ गई है. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है और बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है. गंडक बराज नियंत्रण कक्ष के द्वारा जारी संदेश के अनुसार नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई वर्षा के कारण नदी में पानी का प्रवाह बढ़ा है. बढ़ते डिस्चार्ज को देखते हुए बराज के सभी फाटकों को आंशिक रूप से खोल दिया गया है और चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है. गंडक बराज नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि बराज मैनुअल के अनुसार यदि पानी में सिल्ट की मात्रा 3.14 ग्राम प्रति लीटर से अधिक होती है तो नहरों में जलापूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी. फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक नेपाल के पोखरा समेत ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. ऐसे में गंडक नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है. इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है. इधर, गंडक के बढ़ते जलस्तर से इसकी सहायक नदियों और नहरों में भी पानी का प्रवाह तेज हो गया है.इससे धान की रोपाई और खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. वहीं नदी किनारे बसे निचले इलाकों के लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. कई परिवार पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी में जुट गए हैं. प्रशासन का कहना है कि फिलहाल हालात सामान्य हैं, लेकिन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है.


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