चाकुलिया. साइबर फ्रॉड रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन कई कदम उठा रहा हैं, परंतु आज भी भोले-भाले लोग साइबर फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं. चाकुलिया प्रखंड स्थित बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के कालापाथर गांव निवासी सुमित्रा मांडी से दो दिन पहले साइबर फ्रॉड हुआ. सुमित्रा ने 11 हजार 500 रुपये गंवा दिये. बैंक ऑफ इंडिया के दीपेंदु महतो यदि सतर्क नहीं होते, तो सुमित्रा थोड़ी देर में 12000 रुपये और गंवा देती. दीपेंदु चियाबांधी गांव में साइबर कैफे चलाते हैं.
दीपेंदु ने बताया कि सुमित्रा के मोबाइल पर कुछ दिनों पहले लॉटरी में फ्रिज, एसी, कूलर समेत कई अन्य सामग्री जीतने का संदेश आया. इन सामानों की डिलिवरी के लिए सबसे पहले 500 रुपये फोन पे करने को कहा गया. सुमित्रा ने साइबर कैफे से साइबर अपराधी के मोबाइल नंबर पर 500 रुपये फोन पे कर दिया. फिर सामान भेजने के लिए गाड़ी भाड़ा के नाम पर 11000 रुपये भेजने को कहा गया. सुमित्रा ने साइबर कैफे से फिर 11000 रुपये भेज दिये. फिर जीएसटी बिल के नाम पर 12000 रुपये भेजने को कहा गया. सुमित्रा 12000 रुपये भेजने के लिए साइबर कैफे पहुंची, तब दीपेंदु को शक हुआ. उसने जानकारी मांगी. सुमित्रा को किसी से कुछ कहने के लिए सख्त मना किया गया था. सुमित्रा कुछ भी बताने से इनकार कर रही थी. दीपेंदु के काफी समझाने के बाद सुमित्रा ने सारी बातें बतायीं. दीपेंदु ने सावधान करते हुए 12000 रुपये भेजने नहीं दिया. इसकी शिकायत लेकर सुमित्रा चाकुलिया थाना पहुंची. उसे साइबर थाने में शिकायत करने की सलाह दी गयी.
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