लोन चुकता करने का डर, बटालोया गांव के अधिकांश घरों में ताला लटका हुआ है

लोन चुकता करने का डर, बटालोया गांव के अधिकांश घरों में ताला लटका हुआ है

प्रतिनिधि, गुमला बसिया प्रखंड के बटालोया गांव के लोग एजेंट से डरे हुए हैं. डर का आलम यह है कि अधिकांश घरों में ताला लटका हुआ है. क्योंकि, लोन चुकता नहीं कर पाने के डर से लोग पलायन कर गये हैं. चूंकि, एजेंट गांव में आता है और एक ही शब्द कह रहा है. लोन लिया है, तो वापस करना होगा. अब चाहे जैसे भी लोन वापस करें. हालांकि, गांव से पलायन किये लोग मजदूरी कर लोन चुकता करने का प्रयास कर रहे हैं. परंतु, हर महीने ब्याज बढ़ने के कारण गरीब व मजदूर वर्ग के लोग चार साल पुराना लोन चुकता नहीं कर पा रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि कोई एक हफ्ता, तो कोई 15 दिन, एक महीना व दो महीना के लिए लोन लिया था. परंतु, लोन चुकता करने का समय पार हो चुका है. जिसका ब्याज अब हर महीने बढ़ते जा रहा है. इस कारण लोग परेशान हैं. एजेंट लोन व ब्याज का पैसा लेने हर दिन गांव घुस जाते हैं. इसलिए लोन लेने वाले डर से पलायन कर गये हैं.

ये लोग पलायन किये

गांव के बैजु भोक्ता पूरा परिवार, जोगेंद्र मांझी पूरा परिवार, सुधीर बिंझिया दो लोग, अनिरुद्ध बिंझिया दो लोग, जीतू बिंझिया का बेटा मड़वारी बिंझिया, सुरेश गोप का बेटा हेमंत गोप, प्रेम गोप का बेटा जीतेंद्र गोप, संजय गोप पूरा परिवार सहित गांव के अधिकांश लोग दूसरे राज्य चले गये हैं. इसमें हेमंत गोप अपनी इंटर की पढ़ाई छोड़ दिया. ताकि वह मजदूरी का पैसा कमाने के बाद लोन चुकता कर सके. बैजु भोक्ता के बच्चे भी स्कूल जाते हैं. परंतु, एजेंटों के डर से वह अपने बच्चों को भी दूसरे राज्य ले गया. पढ़ाई छूट गयी. जैसा कि धनेश्वर भोक्ता ने बताया कि दूसरे राज्यों में कम उम्र के बच्चे भी मजदूरी करने को विवश हैं. ताकि लोन व ब्याज को खत्म कर सके.

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Author: Akarsh Aniket

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