खेतों में केमिकलयुक्त पानी फेंके जाने का आरोप लगाकर किसानों ने फैक्ट्री में जड़ा ताला

सोमवार की सुबह लालगंज फकुली मार्ग स्थित एक निजी कंपनी के मेन गेट पर स्थानीय लोगों ने ताला जड़ दिया, इनमें ज्यादातार किसान थे

लालगंज नगर. सोमवार की सुबह लालगंज फकुली मार्ग स्थित एक निजी कंपनी के मेन गेट पर स्थानीय लोगों ने ताला जड़ दिया. इनमें ज्यादातार किसान थे. उन्होंने कंपनी पर केमिकलयुक्त पानी छोड़ने का आरोप लगाया है. इस पानी को पीने से कई मवेशियों, मछलियों के मरने की जानकारी दी गय है. वहींं, खेत के बंजर होने का आरोप भी लगाया गया है. लोगों ने लगभग तीन-चार घंटे तक फैक्ट्री का ताला बंद रखा.इस दौरान काम करने वाले कामगार गेट के बाहर इंतजार करते रहे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाया.

कंपनी के खिलाफ जमकार नारेबाजी

इस संबंध में बताया जाता है कि परमान न्यूट्रिशनल्स प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में किसानों ने नुकसान हुइ फसल के मुआवजा की मांग को लेकर कंपनी के मुख्य गेट में ताला जड़ दिया. इस दौरान कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. फैक्ट्री के समीप के गांव कोवा मोहम्मदपुर, पकड़ी कंठ, जगरनाथ बसंत, कुशदे, टोटाहा, रामनगर के किसानों में कौशल किशोर सिंह, प्रेम कुमार सिंह, चंदन कुमार सिंह, रत्नेश कुमार सिंह, ललन सहनी, गरीबन सहनी, गुड्डू सिंह, विमलेश सिंह, प्रवीण कुमार झा, रवि भूषण सिंह समेत सैकड़ो ग्रामीणों व किसानों का आरोप है कि पिछले तीन सालों से लगातार फैक्ट्री के द्वारा केमिकल युक्त पानी आस पास के खेतों में जहरीला पानी छोड़ दिया जाता है. जिस कारण सैकड़ों एकड़ में यह जहरीला पानी फैल जाता है. जहरीला पानी फैलने से किसानों के फसल का भारी नुकसान हो जाता है और कोई फसल नहीं हो पाती है. इतना ही नहीं हाल के दिनों में जहरीला पानी पीने से एक गाय और एक भैंस की मौत हो गयी है. है. फैक्ट्री के द्वारा छोड़े गए जहरीले पानी के कारण बगल के एक तालाब में लाखों रुपये की मर गयी.

शिकायत पर कंपनी के अधिकारी ने की टाल-मटोल

इन सब की शिकायत कंपनी के एचआर से कई बार की गयी, लेकिन उनके द्वारा टाल मटोल कर दिया गया. किसानों का आरोप है कि किसानों में ललन सहनी की भैंस की हुई मौत और विमलेश कुमार की गाय की हुई मौत. वही रामनगर के गरीब सहनी के द्वारा मछली पालन में लाखों रुपए के मछली की मौत हो गयी. जिसकी शिकायत किसानों द्वारा एचआर अवनीश कुमार से हुई. लेकिन उनके द्वारा लगातार आज कल कहकर 15 दिनों तक टालमटोल कर किया गया. जिससे आक्रोशित होकर ग्रामीण व स्थानीय किसानों ने फैक्ट्री के मुख्य गेट पर ताला मारकर जमकर नारेबाजी किया और किसानों की हुई क्षति का मुआवजा की मांग करने लगे. तकरीबन तीन चार घंटे तक फैक्टरी के मुख्य गेट को बंद रखा. इस दौरान कंपनी में कार्य करनेवाले कर्मी घंटों गेट खुलने का इंतजार कर लौट गए.

घटना की जानकारी लालगंज थाना की पुलिस को मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर वहां की स्थिति को जाना और गेट का ताला खुलवाया. इसके बाद मामले की जानकारी के लिए दो किसानों को लालगंज थाना पर ले गयी. हालांकि इससे उपस्थित किसानों में काफी नाराजगी दिखी.

किसानों ने बताया कि तीन साल पहले भी किसानों के प्याज के खेत मे छोड़ा गया था. जिसके बाद रामनगर के किसानों के द्वारा जमकर कम्पनी का विरोध प्रदर्शन किया गया था. तब जाकर कंपनी द्वारा आधी मुआवजे की राशि किसानों को दी गयी थी.

क्या कहते हैं कंपनी के प्रतिनिधि

गाय, भैंस व मछली की मरने की सूचना उन्हें नहीं है. ना ही कंपनी द्वारा छोड़े गये पानी से मौत हुई है. किसानों के खेत में जो पानी है, वह बारिश का पानी है. कंपनी के द्वारा पानी छोड़े जाने के लिए कम्पनी अपनी व्यवस्था खुद की है. पिछले बार प्याज में छोड़े गए विषाक्त पानी से हुए नुकसान पर किसानों को मुआवजा दे दिया गया था. इन लोगों के द्वारा इस प्रकार बार बार की प्रदर्शन किया जाता है, गेट बंद कर देना या हंगामा कर देना अच्छी बात नहीं है.

अविनाश कुमार, कंपनी एचआर

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