श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को मिलेगी सभी बीमारियों के इलाज की सुविधा: डॉ रीना रुबी

जनसहयोग, संघर्ष और सेवा-भाव की ताकत पर श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति प्रदान की है.

प्राथमिकता से खबर लगा दीजियेगा सर मुंगेर प्रमंडल का पहला मेडिकल कॉलेज खगड़िया को मिली मान्यता, 50 सीटों पर होगा नामांकन खगड़िया. परमानंदपुर स्थित श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को सभी बीमारियों के इलाज की सुविधा मिलेगी. जिले के मरीजों को इलाज के लिए रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रविवार को श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज के सभागार में कॉलेज के प्रबंधक इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार, उप निदेशक डॉ. रीना रुबी ने प्रेसवार्ता कर कहा कि मेडिकल कॉलेज को एनएमसी द्वारा 50 सीटों की स्वीकृति दी गयी है. जिले का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया. उन्होंने कहा कि जनसहयोग, संघर्ष और सेवा-भाव की ताकत पर श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति प्रदान की है. इस अस्पताल के निर्माण से खगड़िया बाजार की रौनक लौटेगी. डॉ. विवेकानंद की दूरगामी सोच, दृढ़ निश्चय, सामाजिक व पारिवारिक एकता और ट्रस्ट-शिप सिद्धांत के बल पर मेडिकल कॉलेज का सपना पूरा हुआ. महादानी श्यामलाल जी के जमीन पर यह श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया. मुंगेर प्रमंडल का पहला मेडिकल कॉलेज है. आकांक्षी जिला खगड़िया में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है. इस कालेज के निर्माण में कई उतार चढ़ाव दिखाई दिया. प्रेसवार्ता में इंजीनियर धर्मेन्द्र ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल निर्माण में तन-मन-धन से सहयोग करने वाले सैकड़ों लोगों को धन्यवाद दिया. मौके पर कॉलेज के मीडिया प्रभारी अमरीष कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल्लचंद्र घोष, विवेक उमरांव और पीसी घोष मौजूद थे. उन्होंने कहा कि महिला महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो विजय रंजन, सकरपुरा स्टेट के जया सिंह, शिक्षिका सावित्री देवी, सासाराम के डॉ. भरत चौबे, गोपालगंज के डॉ. वशिष्ठ मिश्रा, गोपालगंज के डॉ. रामानंद यादव, भागलपुर के डॉ. एनके यादव, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. मंजर नदीम काजमी, डॉ. बजेंद्र कुमार विद्यार्थी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राजू, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. एसपी हजारी, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. देवरंजन सिंह, डॉ. नागमणि नन्दन, डॉ. घनाकर ठाकुर, डॉ. कुमार देवव्रत, डॉ. अरविंद्र कुमार, अधिवक्ता रामाकांत सिंह आदि लोगों का सहयोग मिला है.

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