आठ महीने बाद भी विशिष्ट शिक्षकों का नहीं हो सका वेतन निर्धारण

बीआरसी कार्यालय के पास शिक्षक दिवस को वेदना दिवस के रुप में मनाया

दाउदनगर. बीआरसी कार्यालय के पास शिक्षक दिवस को वेदना दिवस के रुप में मनाया. बिहार स्टेट टीचर एसोसिएशन (गोप गुट) के प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत कुमार सिंह ने कहा कि बिहार के लाखों शिक्षक राज्यकर्मी के लिए एक लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे. सरकार के मानदंडों पर खरा उतरते हुए सक्षमता परीक्षा पास कर विशिष्ट शिक्षक इस आस में बने कि अब भविष्य सुधर जायेगा और एक शिक्षक का सम्मान पा सकेंगे. लेकिन, आठ महीने गुजर जाने के बाद भी बिहार के लाखों विशिष्ट शिक्षकों का वेतन निर्धारण तक नहीं हो सका, जिसके कारण पूर्व से प्राप्त हो रहे वेतन से सात-आठ हजार रुपये कम वेतन प्राप्त हो रहा है. विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत जो शिक्षक बीपीएससी द्वारा चयनित होकर प्रधान शिक्षक/प्रधानाध्यापक के रूप में योगदान दिए हैं, उनका तो अब तक मूल वेतन और वेतन संरचना तक नहीं तय किया गया है. संघ के सदस्यों ने विशिष्ट शिक्षकों को सेवा निरंतरता के साथ सातवें वेतनमान के रूप राज्यकर्मी दर्जा देने, प्रधान शिक्षक को उनके सम्मानजनक वेतनमान के साथ वेतन फिक्सेशन करवाते हुए जल्द वेतन भुगतान करने, एचआरएमएस में सुधार करने की मांग सरकार से करते हुए कहा कि जिले में 143 शिक्षकों का सर्विस बुक दो माह से जमा किया हुआ है, जिसे अब तक डीपीओ द्वारा हस्ताक्षर नहीं किया गया, जिससे शिक्षकों के वेतन भुगतान कम हो रहा है. यदि शिक्षकों के समस्याओं पर पदाधिकारी नहीं ध्यान देंगे तो संघ जिले में आंदोलन का रुख करेगी. शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य करना बंद कराने की मांग की गई.मौके पर संघ के महासचिव कुमार सुमन, सचिव रोहित कुमार, कोषाध्यक्ष विकाश कुमार, प्रवीण कुमार, उपाध्यक्ष लवकिशोर प्रसाद, संजय कुमार, शैलेंद्र कुमार, भीम कुमार, चितरंजन कुमार, प्रमोद सिंह, इंद्रजीत कुमार, रविरंजन कुमार उर्फ बाला जी, सुनील कुमार, अमरेंद्र कुमार, राजू महिला प्रकोष्ठ से संघ के प्रवक्ता और प्रधान शिक्षक उपमा कुमारी, निशि कुमारी, संगीता कुमारी आदि उपस्थित थे.

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By SUJIT KUMAR

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