एक घंटे तक नदी की धारा में जिंदगी की जंग लड़ते रहे 100 से अधिक नौका सवार

क्षमता से अधिक यात्री के साथ-साथ चढ़ा लीं 20 बाइकें, मशीन में आयी खराबी धारा में जिंदगी की जंगवास्कोला घाट से खुली नाव एक घंटे तक बहती रही बगैर नियंत्रण,

क्षमता से अधिक यात्री के साथ-साथ चढ़ा लीं 20 बाइकें, मशीन में आयी खराबी

धारा में जिंदगी की जंग

वास्कोला घाट से खुली नाव एक घंटे तक बहती रही बगैर नियंत्रण, बाल-बाल बचे 100 से अधिक यात्रीप्रतिनिधि, साहिबगंज.

गंगा की उफनती लहरों में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वास्कोला घाट से खुली एक नाव के इंजन में तकनीकी खराबी आ गयी. नाव पर सवार 100 से अधिक यात्रियों की जान खतरे में पड़ गयी. नाव पर यात्रियों के अलावा 20 मोटरसाइकिल भी लोड थी. बाढ़ के पानी से लबालब गंगा में नाव कुछ ही दूरी तय की, उसके इंजन में तकनीकी खराबी आ गयी और वह बगैर नियंत्रण के तेज धारा में बहने लगी. लगभग एक घंटे तक यात्री दहशत के साये में डूबे रहे. कहीं कोई व्यवस्था नहीं, कोई मदद नहीं. इंजन बंद होते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गयी. कोई ईश्वर को पुकारने लगा, कोई मोबाइल से मदद की गुहार लगाने की कोशिश करता रहा. नाविक का कहना था कि इंजन में गड़बड़ी है, लेकिन कोई वैकल्पिक प्रबंध उसके पास नहीं था. धीरे-धीरे नाव बहती हुई महाराजपुर तक जा पहुंची, जहां किसी तरह किनारे लगायी गयी. यह एक चमत्कार ही था कि इतनी भीड़ और खराब हालात के बावजूद कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.

कोट

पानी बढ़ने के साथ ही नाव के अलावा यात्रियों को ढोने वाले सभी प्रकार के साधनों को पूर्णता बंद करने का निर्देश जारी कर दिया गया है. अगर इसके बाद भी कोई नाव चला रहा है. तो निश्चित रूप से जांच कर कार्रवाई की जायेगी.

– बासुकीनाथ टुडू, सदर सीओ, साहिबगंज

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Author: SUNIL THAKUR

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