दुष्कर्म के मामले में लालू बाउरी को मिली 10 साल की सजा

- पीडीजे की अदालत में हुई अंतिम सुनवाई, नाला थाना क्षेत्र का है मामला प्रतिनिधि, जामताड़ा : घर में अकेला पाकर शादीशुदा महिला से दुष्कर्म मामले में जामताड़ा व्यवहार

– पीडीजे की अदालत में हुई अंतिम सुनवाई, नाला थाना क्षेत्र का है मामला प्रतिनिधि, जामताड़ा : घर में अकेला पाकर शादीशुदा महिला से दुष्कर्म मामले में जामताड़ा व्यवहार न्यायालय में अंतिम सुनवाई हुई. शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण ने लालू बाउरी को 10 साल का कठोर कारावास की सजा मुकर्रर की है. जानकारी के अनुसार, नाला थाना क्षेत्र की पीड़िता 19 नवंबर 2025 को अपने दो बच्चों के साथ रात में घर पर सोई हुई थी. उसके पति महाराष्ट्र काम करने गए हुए थे. गांव के लालू बाउरी ने रात में उसके घर में जबरन घुस कर दुष्कर्म किया. पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसके गला दबा दिया, जिससे वह चिल्ला नहीं पाई. इस घटना को लेकर पीड़िता ने नाला थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में आठ गवाहों का बयान दर्ज कराया गया. सभी गवाहों के बयान सुनने के बाद अदालत ने मामले को सही पाया. आरोपित लालू बाउरी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) में 10 साल की कठोर कारावास व ₹6000 अर्थदंड, अर्थदंड नहीं देने पर 2 साल 6 महीना अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया. वहीं बीएनएस की धारा 332(बी) में 8 साल का कठोर कारावास व ₹4000 अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है, अर्थदंड नहीं देने पर 2 साल अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया है. बीएनएस की धारा 351( 2) में 2 साल का कारावास व ₹2000 अर्थदंड का निर्देश दिया है. बीएनएस की धारा 115(2) में एक साल का कारावास की सजा मुकर्रर की है.

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Author: UMESH KUMAR

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