हम प्राकृतिक आपदा से हुई मौत पर राजनीति नहीं करते : ममता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कालीघाट स्थित अपने आवास से जिलों के पूजा पंडालों का वर्चुअली उद्घाटन किया

संवाददाता, कोलकाता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कालीघाट स्थित अपने आवास से जिलों के पूजा पंडालों का वर्चुअली उद्घाटन किया. इसके बाद मुख्यमंत्री महानगर के दक्षिण कोलकाता स्थित कई पूजा पंडालों में पहुंचीं और उनका उद्घाटन किया. गुरुवार को मुख्यमंत्री सबसे पहले अलीपुर बॉडीगार्ड लाइंस में आयोजित पूजा पंडाल का उद्घाटन किया. इसके बाद सुरुचि संघ की पूजा का भी उद्घाटन किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जलजमाव में करंट की चपेट से हुई मौत की घटनाओं को लेकर विपक्षी पार्टी के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हम प्राकृतिक आपदा के कारण हुई मौत पर राजनीति नहीं करते.

गौरतलब है कि दुर्गोत्सव के माहौल के बीच सोमवार रात को महानगर वासियों को एक बड़ी आपदा का सामना करना पड़ा था. अति भारी बारिश के कारण महानगर का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था. वहीं, करंट की चपेट में आने से नौ लोगों की मौत हो गयी. इसे लेकर विपक्षी पार्टी के नेताओं ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है. इसे लेकर मुख्यमंत्री ने फिर विपक्षी पार्टी के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा : हम मौत पर राजनीति नहीं करते. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. जो लोग मौत पर राजनीति करते हैं, उन्हें सबसे पहले अपना चेहरा आइने में देखना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि डीवीसी की वजह से बार-बार बंगाल में बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बारिश पहले कभी नहीं हुई. हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सबके बावजूद, जमे पानी को कुछ ही घंटों में निकाल दिया गया. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर 250 से 300 मिलीमीटर तक बारिश हुई, जिसकी वजह से नदी का जलस्तर भी बढ़ गया था. वहीं, नदी में ज्वार के कारण पानी निकलने में थोड़ा समय लगा, नहीं तो पानी कब का निकल गया होता.

इसके बाद मुख्यमंत्री ने माॅनसून के दौरान भाजपा शासित राज्यों की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र में भी जलमाव पांच-छह दिनों तक रहता है. यहां तक कि लंदन में भी 10 दिनों तक जलजमाव रहता है. केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा : आप हमें पानी में डूबोने का प्रयास करते हैं, जबकि हम बंगाल के लोगों को बचाने का काम करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल धरो, जल भरो योजना के तहत राज्य में साढ़े पांच लाख तालाब खोदे गये हैं. बाढ़ से निबटने के लिए 500 चेकडैम भी बनाये गये हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी : अगर जनता के आशीर्वाद से वापस सत्ता में आते हैं, तो हम बंगाल को बदनाम करने वालों का इलाज करेंगे.

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