आधी रात भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया, मटका फोड़ कार्यक्रम व भजन-कीर्तन से भक्तिमय रहा माहौल
सेन्हा, लोहरदगा : जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार की रात प्रखंड क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि पर दिनभर उपवास रखने के बाद श्रद्धालुओं ने आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिरों और घरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. इस दौरान पूरा प्रखंड क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा.
माखन-मिश्री व लड्डू का लगाया भोग
जन्मोत्सव को लेकर भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण का आकर्षक श्रृंगार किया. आधी रात जन्म के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान को माखन, मिश्री, लड्डू, फूल, अक्षत, चंदन और दूध अर्पित कर सुख, समृद्धि और वैभव की मंगलकामना की. मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही. पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया.
आचार्य व पुरोहितों ने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनायी. उन्होंने बताया कि द्वापर युग में भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था. धर्म की रक्षा और अत्याचार के अंत के लिए भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में आधी रात अवतार लिया. इसी कारण जन्माष्टमी पर आधी रात श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव मनाया जाता है.
मटका फोड़ कार्यक्रम में बच्चों ने मोह लिया मन
जन्माष्टमी के अवसर पर कई स्थानों पर मटका फोड़ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर लोगों का मन मोह लिया. वहीं मंदिरों और पूजा स्थलों पर रातभर भजन-कीर्तन व जागरण का दौर चलता रहा.
‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’, ‘छोटी-छोटी गइया, छोटे-छोटे ग्वाल’ और ‘यशोदा जी तेरे नंदलाल, बड़ी उत्पात मचाते हैं’ जैसे भक्ति गीतों से प्रखंड मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक वातावरण भक्तिमय बना रहा.
