घाटशिला. पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने गुरुवार को घाटशिला अनुमंडल का दौरा किया. डीसी ने घाटशिला और मऊभंडार के कई पूजा पंडालों का निरीक्षण किया. यहां यातायात व्यवस्था, विसर्जन घाट और सुरक्षा का जायजा लिया. उन्होंने दाहीगोड़ा संस्कृति संसद क्लब दुर्गा पूजा पंडाल और मऊभंडार महिला समिति के पंडालों का निरीक्षण किया. एसडीओ सुनील चंद्र को निर्देश दिया कि डीएसपी और थाना प्रभारी के साथ बैठक कर पूजा पंडाल समितियों के समन्वय से यातायात के लिए रूट चार्ट तैयार करें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो. तापस चटर्जी समेत अन्य समिति सदस्यों से विभिन्न समस्याओं की जानकारी ली. बताया गया कि आवागमन के लिए दूसरा रूट दाहीगोड़ा मैदान से संभव है. महिला समिति की अध्यक्ष आरती दत्ता, महासचिव रूबी सिंह और नवल सिंह से पूजा तैयारी की जानकारी ली, जिसमें नवल सिंह ने बताया कि एचसीएल/आईसीसी से काफी सहयोग मिलता है. समितियों ने अपनी समस्याओं से भी डीसी को अवगत कराया और पूजा में आमंत्रित किया.
पंडालों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड व सीसीटीवी की व्यवस्था करें
डीसी ने पूजा पंडालों में सुरक्षा, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, भीड़ प्रबंधन और आपदा नियंत्रण की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया. आयोजकों को आवश्यक निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि पंडाल में फायर फाइटिंग उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा किट, सीसीटीवी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिये. भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त वॉलंटियर और स्पष्ट प्रवेश-निकास व्यवस्था अनिवार्य है.सप्तमी से दशमी तक भारी वाहनों की नो इंट्री रहेगी : एसडीओ
एसडीओ ने बताया कि सप्तमी से दशमी तक शाम के समय भारी वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी. निरीक्षण के दौरान एसडीओ सुनील चंद्र, बीडीओ यूनिका शर्मा, जेएसएलपीएस के बीपीएम मोतीलाल बेसरा, जेई राजीव महतो, गौरव गुप्ता, हरे कृष्ण मंडल सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे.
ज्यादातर घाटों की स्थिति अच्छी, कमियां जल्द दूर होंगी
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने गुरुवार को मऊभंडार में सुवर्णरेखा विसर्जन घाट पहुंचे. प्रशासनिक अधिकारियों और एचसीएल पदाधिकारियों से विसर्जन की तैयारियों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिये. उन्होंने लाइटिंग, बैरिकेडिंग, गोताखोरों की उपलब्धता, साफ-सफाई, भीड़ प्रबंधन, निगरानी पंडाल, सड़क व्यवस्था आदि की समीक्षा की. डीसी ने कहा कि अधिकतर घाटों की स्थिति अच्छी है. कुछ कमियां हैं, जिसे दूर करने का निर्देश दिया. उन्होंने विसर्जन समय का कड़ाई से पालन करने और सहयोग सुनिश्चित करने का अनुरोध किया. एससीएल की ओर से लाइटिंग की व्यवस्था होगी. घाट पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे. सभी समितियों और प्रखंड अधिकारियों के बीच निरंतर संपर्क सुनिश्चित किया जायेगा. डीसी ने पदाधिकारियों को त्योहार के दौरान राउंड-द-क्लॉक मॉनिटरिंग करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने का आदेश दिया.
सिलाई केंद्र सही से चलायें, वरना स्थानांतरित कर देंगे
डीसी ने काशिदा पंचायत के प्रेमनगर में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन से संचालित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया. उपायुक्त ने सखी डोर सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की अध्यक्ष तारा दे व प्रशिक्षण ले रहीं महिलाओं से बात की. उन्होंने बताया कि सरकार ने 45 लाख रुपये की लागत से 40 सिलाई मशीनें और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए हैं. उपायुक्त ने चेतावनी दी कि सिलाई प्रशिक्षण केंद्र सही तरीके से संचालित नहीं हुआ, तो दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है. केंद्र को गंभीरता से चलाना अत्यंत आवश्यक है. उपायुक्त ने महिलाओं को हुनर सीखकर स्वावलंबी बनने पर खास जोर दिया. उन्होंने पावड़ा पंचायत भवन में पीपल की लकड़ी से बन रही सामग्रियों की जानकारी ली.डीसी ने केंद्र के संचालन में विशेष जागरुकता और सावधानी बरतने पर जोर दिया. हमारा उद्देश्य सरकार से उपलब्ध संसाधनों का महिलाएं पूर्ण लाभ उठाकर स्वावलंबी बनें. केंद्र की अध्यक्ष तारा दे ने डीसी से उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक सहयोग मांगा. स्थानीय व्यवसायियों से सिलाई कार्य दिलाने में प्रशासन की मदद मांगी. डीसी ने महिलाओं को विश्वास दिलाया कि सिलाई से जुड़े सरकारी कार्य और चुनावी काम महिला प्रशिक्षितों को दिये जायेंगे. प्रशासन पूरी सहायता प्रदान करेगा.
‘जादू की छड़ी नहीं है कि तुरंत समाधान हो जाये’
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी गुरुवार को घाटशिला पहुंचे. एआइडीएसओ के सदस्य श्रीमंतो बारीक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने फूलडुंगरी में एनएच- 33 पर अंडरपास निर्माण, झाटीझरना से बंगाल सीमा तक सड़क निर्माण आदि की मांग पर ज्ञापन सौंपा. उपायुक्त ने कहा कि वे सभी मुद्दों से अवगत हैं. उनका चरणबद्ध समाधान किया जायेगा. उन्होंने कहा कि कोई जादू की छड़ी नहीं है, जिसे चला दिया जाये. एनएचआइ से अंडरपास मामले पर विस्तृत जानकारी लेने के बाद कुछ कहा जा सकता है. वहीं, फूलडुंगरी से बुरुडीह होते हुए झाटीझरना (बंगाल सीमा) तक सड़क निर्माण का कार्य वन विभाग से एनओसी प्राप्त होने के बाद शुरू कर दिया जायेगा. ज्ञात हो कि कई वर्षों से झाटीझरना पंचायत के हजारों लोग सड़क को लेकर कई बार आंदोलन कर चुके हैं.
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