Deoghar news : साइबर ठगी मामले के दो दोषियों को सात-सात वर्ष व एक को तीन वर्ष की सजा

विधि संवाददाता, देवघर . एडीजे दो सह विशेष न्यायाधीश साइबर अपराध अशोक कुमार की अदालत से साइबर ठगी मामले के दो दोषियों कुलदीप कुमार दास व विकास कुमार दास को

विधि संवाददाता, देवघर . एडीजे दो सह विशेष न्यायाधीश साइबर अपराध अशोक कुमार की अदालत से साइबर ठगी मामले के दो दोषियों कुलदीप कुमार दास व विकास कुमार दास को सात-सात वर्ष की सजा सुनायी गयी है, साथ ही इन दोनों को दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर इन दोनों को अलग से छह माह की कैद की सजा काटनी होगी.

इसी मामले के एक दोषी पवन कुमार दास को आइटी एक्ट को दोषी करार दिया गया व इसे तीन साल की सजा सुनायी गयी, साथ ही इसे एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से तीन माह की सजा काटनी होगी. सजायाफ्ता पवन कुमार दास व विकास कुमार दास सारठ थाना के चरकमारा गांव का रहने वाला है, जबकि कुलदीप कुमार दास पथरड्डा थाना के बासकी गांव का रहने वाला है. इस मामले में कुल आठ युवकों को नामजद किया गया था, जिसमें से उपरोक्त तीन युवकों को दोषी पाकर उपरोक्त सजा सुनायी गयी. शेष पांच आरोपितों निरंजन दास, रितेश कुमार दास, प्रदीक कुमार दास, चंदन कुमार दास व उमेश महरा को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. मालूम हो कि यह मुकदमा तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक रूपेश कुमार की शिकायत पर साइबर थाना देवघर में 17 जुलाई 2020 को दर्ज हुआ था, जिसमें ओटीपी लेकर साइबर ठगी करने का आरोप लगाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से 13 लोगों की गवाही हुई और घटना की पुष्टि की. अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार साह ने पक्ष रखा व दोष सिद्ध कराने में सफल रहा, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता अली अतहर, प्रदीप कुमार अकेला, शिवदत्त रेणु व हेमचरण झा ने पक्ष रखा, लेकिन दोष मुक्त कराने में आंशिक रूप से सफल रहे.

॰विशेष न्यायाधीश ने साइबर ठगी व आइटी एक्ट की धारा में दोषी पाकर उपरोक्त सजा सुनायी एवं जुर्माना लगाया.

॰पांच आरोपितों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए किया रिहा

॰दो अभियुक्तों को दो-दो लाख व एक अभियुक्त को एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगा

जिसे मिली सजा

कुलदीप कुमार दास- बासकी, पथरड्डा, देवघर.

विकास कुमार दास- चरकमारा, सारठ, देवघर.

पवन कुमार दास- चरकमारा, सारठ, देवघर.

जो हुए रिहा

निरंजन दास-नया खरना, सारठ, देवघर.

रीतेश कुमार दास- आलुवारा, पथरड्डा, देवघर.

प्रदीप कुमार दास- बासकी, पथरड्डा, देवघर.

चंदन कुमार दास- आलुवारा, पथरड्डा, देवघर.

उमेश महरा— दुधुवाजोरी, सारठ, देवघर.

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लेखक के बारे में

Published by: Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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