Deoghar news : अपहरण के दोषी को पांच साल की सश्रम सजा, तीन हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

विधि संवाददाता, देवघर . शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का अपहरण करने के मामले में डबलू दास उर्फ डबलू कुमार दास को दोषी पाकर पांच साल की सश्रम सजा

विधि संवाददाता, देवघर . शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का अपहरण करने के मामले में डबलू दास उर्फ डबलू कुमार दास को दोषी पाकर पांच साल की सश्रम सजा सुनायी गयी, साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से एक साल की साधारण कैद की सजा काटनी होगी. यह सजा एडीजे नवम मुकुलेश चंद्र नारायण की अदालत से सुनायी गयी. सजायाफ्ता मोहनपुर थाना के जयसिंहाडीह गांव का रहने वाला है. इसके विरुद्ध मोहनपुर थाना के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति के बयान पर मोहनपुर थाना में 30 सितंबर 2022 को दर्ज हुआ था, जिसमें उसकी नाबालिग पुत्री को शादी का झांसा देकर अपहरण करने का आरोप था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से छह लोगों ने गवाही दी और दोष सिद्ध करने में सफल हुआ. इस मामले में अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार साह और बचाव पक्ष से अधिवक्ता रामदेव प्रसाद दास ने पक्ष रखा. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने उपरोक्त फैसला दिया. इस मामले में महज तीन साल के अंदर फैसला आया. ॰एडीजे नवम मुकुलेश चंद्र नारायण की अदालत से आया फैसला

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Published by: Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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