मुजफ्फरपुर.
जिला कालाजार उन्मूलन हो चुका है, लेकिन फिर से केस बढ़े नहीं, इसके लिए डब्ल्यूएचओ की टीम ने डोजियर प्रिपरेशन के प्रखंडों जाकर समीक्षा की. टीम में शामिल डब्ल्यूएचओ के कालाजार डोजियर प्रिपरेशन की नेशनल को-ऑर्डिनेटर डॉ पल्लिका सिंह व जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजू शामिल थीं.टीम के सदस्यों ने वीडीसीओ, वीएचआइ, बीएचडब्लू और वीबीडीएस के साथ बैठक कर कालाजार डोजियर चेकलिस्ट पर जानकारी ली. जिन प्रखंडों में कालाजार के मरीज हैं, वहां जाकर टीम ने मरीजों से जानकारी ली. डब्ल्यूएचओ टीम ने बताया कि कालाजार डोजियर प्रिपरेशन के तहत वर्ष 2018 से लेकर 2026 तक के सभी प्रासंगिक आंकड़ों को क्रमबद्ध व प्रामाणिक रूप से संकलित किया जाना है. इसमें जिले में पाये गये कालाजार के मामलों की संख्या, समय पर इलाज, दवाओं एवं जांच की उपलब्धता, प्रखंडवार सर्विलांस रिपोर्ट, घर-घर कीटनाशक छिड़काव, बीमारी की रोकथाम व जन-जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों का विस्तृत विवरण शामिल है.सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार ने सभी प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्यकर्मियों को डोजियर प्रिपरेशन से संबंधित कार्य पूर्ण कर यथाशीघ्र जिले में देने के लिए निर्देशित किया हैं. इधर, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार ने कहा कि जिला ने कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य (प्रखंड स्तर पर प्रति दस हजार की आबादी पर एक से कम कालाजार मरीज) को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है.
अब सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया के लिए कालाजार डोजियर प्रिपरेशन किया जा रहा है, जो जिले के लिए बेहद अहम दस्तावेज है. कालाजार डोजियर जिले को कालाजार मुक्त घोषित नहीं किया जा सकता. यह न केवल उपलब्धियों का रिकॉर्ड है, बल्कि यह दर्शाता है कि जिले ने जमीनी स्तर पर बीमारी से निपटने के लिए कितनी गंभीरता से कार्य किया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
