चार माह पहले हो जानी चाहिए थी ट्रैफिक डीएसपी और बॉडीगार्ड की गिरफ्तारी : राणा

बादल हत्याकांड हाईकोर्ट के आदेश के बाद बादल के परिवार में जगी न्याय की आस फोटो-....05-बादल के माता-पिता व भाई. प्रतिनिधि, सासाराम कार्यालय जिस काम को चार

बादल हत्याकांड हाईकोर्ट के आदेश के बाद बादल के परिवार में जगी न्याय की आस फोटो-….05-बादल के माता-पिता व भाई. प्रतिनिधि, सासाराम कार्यालय जिस काम को चार माह पहले ही पुलिस को करनी चाहिए थी, उसे अब बिना मन के कोर्ट के आदेश पर करना पड़ेगा. हाइकोर्ट के आदेश से अब हम लोगों को महसूस हो रहा है कि हत्या के आरोपित ट्रैफिक डीएसपी आदिल बेलाल और उनके बॉडीगार्ड चंद्रमौली नागिया की गिरफ्तारी होगी. ये बातें हाइकोर्ट से दोनों की गिरफ्तारी का आदेश निकलने के बाद न्याय मिलने की जगी उम्मीद के साथ मृतक राणा ओमप्रकाश उर्फ बादल के माता-पिता और भाई ने बुधवार को प्रभात खबर से कहीं. मूलरूप से शिवसागर थाना क्षेत्र के सिलारी गांव के निवासी वर्तमान में सासाराम शहर की शिव कॉलोनी के एक मकान में किराये पर रह रहे पिता अशोक सिंह व भाई राणा राहुल रंजन ने कहा कि हत्याकांड के बाद से सरकार के कई मंत्री और बड़े-बड़े नेता आये. त्वरित और ठोस न्याय दिलाने का वादा किया. लेकिन, हुआ क्या? चार माह तक मुख्य आरोपितों को मुझे लगता है सस्पेंड तक नहीं कराया गया. उनके झांसे में आकर मैं अपने को ठगा महसूस करने लगा था. मैं न्यायालय की शरण में गया, तो अब लग रहा है कि मुझे न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि एक मारपीट के आरोपित को पुलिस तत्काल गिरफ्तार करती है. जब अपने महकमे पर बात आयी, तो गोली चलाने की स्वीकारोक्ति के बावजूद ट्रैफिक डीएसपी और उनके बॉडीगार्ड पर कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लगता कि पुलिस न्याय की ओर बढ़ रही है. खैर, न्यायालय संज्ञान ले चुका है. सीआइडी की चाल को सभी समझ रहे हैं. अब न्याय की उम्मीद जगी है. देर से ही सही पर न्याय मिलेगा. क्राइम फाइल के अनुसार, 27 दिसंबर 24 को करगहर मोड़ के पास पुरानी जीटी रोड किनारे स्थित कालिका सिंह के हाते में बर्थडे पार्टी के दौरान कुछ युवकों से हुई झड़प के बाद यातायात डीएसपी व बॉडीगार्ड पर गोली चलाने का आरोप लगा था. उक्त कांड में शिवसागर थाना क्षेत्र के सिलारी गांव निवासी अशोक सिंह के बेटे राणा ओमप्रकाश उर्फ बादल की मौत हो गयी थी. दो युवक जख्मी भी हुए थे. घटना के बाद टाउन थाने में मृतक के भाई, ट्रैफिक डीएसपी के अंगरक्षक व टाउन थाने की पुलिस ने अलग-अलग तीन एफआईआर दर्ज करायी थी. घटनास्थल से खोखा, शराब की बोतल, 10 बाइकें व मोबाइल समेत कई सामग्री पुलिस ने जब्त की थी. घटना के चार माह बीत जाने के बाद भी हत्यारोपित ट्रैफिक डीएसपी व अंगरक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर हाइकोर्ट ने नाराजगी जतायी है और तल्खी के साथ दोनों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है.

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Author: ANURAG SHARAN

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