Bokaro News : इंसान को सरल व सौम्य बनाता है सेवा भाव : अधिशासी निदेशक

Bokaro News : चिन्मय विद्यालय में पांच दिवसीय हरि सेवा कैंप संपन्न, 100 से अधिक बच्चे हुए शामिल, सेवा भाव की परंपरा भारतीय संस्कृति की पहचान : मीना श्रीराम.

बोकारो, बच्चों में जिस प्रकार संस्कार जरूरी है, उसी प्रकार सेवा भाव भी. इससे में सरलता व सौम्यता आती है. बच्चों में इसकी नींव शुरुआत से ही होनी चाहिए. इस दिशा में चिन्मय विद्यालय बोकारो का हरि सेवा कैंप सार्थक व अनुकरणीय पहल है. यह बातें बीएसएल की अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी ने बुधवार को बतौर मुख्य अतिथि कही. मौका था चिन्मय विद्यालय बोकारो में आयोजित पांच दिवसीय हरि सेवा कैंप के समापन समारोह का. कैंप में 100 से अधिक बच्चे शामिल हुए. सेंट्रल चिन्मय मिशन ट्रस्ट एजुकेशन सेल की एकेडमिक एडमिनिस्ट्रेटर मीना श्रीराम ने कहा कि मनुष्य सेवा भाव से हीं महान बनता है. सेवा भाव की परंपरा भारतीय संस्कृति की पहचान है, जिसे कायम रखना सभी की जिम्मेदारी है.

महापुरुषों के सेवा भाव की कहानियां बच्चों को सुनानी चाहिए : संयुक्तानंद

चिन्मय मिशन बोकारो की आवासीय आचार्या स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती ने कहा कि महापुरुषों के जीवन से मिलने वाले सेवा भाव की कहानियां बच्चों को बतानी चाहिए, जिससे वह सेवा का महत्व समझें. इतिहास में कई उदाहरण दर्ज हैं, जिन्होंने सेवा का मार्ग अपना दूसरों को जीना सिखाया.

शिक्षा में सभी के प्रति सेवा का उल्लेख जरूरी : बिस्वरूप

चिन्मय विद्यालय के अध्यक्ष बिस्वरूप मुखोपाध्याय ने कहा कि बच्चों में संस्कार उसके घर से ही शुरू हो जाता है, जब अभिभावक उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं. उसके बाद बारी आती है गुरु की. अभिभावक से लेकर गुरु…सभी की शिक्षा में सबके प्रति सेवा का उल्लेख जरूरी है. चिन्मय विद्यालय के सचिव महेश त्रिपाठी ने कहा कि किसी ने सही कहा है सेवा परमो धर्म. सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है. जाति, समुदाय, भाषा और देश से ऊपर उठकर सेवा की जाए, तब व्यक्ति ही नहीं समाज का उत्थान होता है.

बच्चों में सेवा का भाव जगा गया कैंप : सूरज

चिन्मय विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा ने कहा कि कैंप बच्चों में सेवा का भाव जगा गया. कहा : वन्य जीवों में सेवा का भाव होता है, जरूरत पड़ने पर वह एक-दूसरे की मदद करते हैं. सेवा भावना व्यक्ति को पहले अच्छा इंसान व फिर भगवान का दर्जा दिला देती है. उप प्राचार्य नरमेंद्र कुमार व हेड मास्टर गोपाल चंद्र मुंशी उपस्थित थे. छात्रों को प्रमाण पत्र मिला. सांस्कृतिक प्रस्तुति में नवरात्रि की झलक दिखी. कैंप की गतिविधि और सेवा कार्यों की झांकी एक कंपेंडियम लॉन्च हुआ. गायत्री हवन हुआ.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anand kumar upadhyay

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >