बोकारो, बोकारो इस्पात संयंत्र में आइएसओ 50001 : 2018 ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली का प्रथम निगरानी ऑडिट सफलतापूर्वक हुआ. यह तीन दिवसीय ऑडिट मेसर्स टीयूवी के ऑडिटरों ने किया. टीम लीडर विकास गुप्ता ने ऑन-साइट व टीयूवी सदस्य गगन वर्मा ने रिमोर्ट मोड से ऑडिट किया. बीएसएल में आइएसओ 50001 : 2018 प्रमाणन के लिए इएमडी विभाग नोडल विभाग है. समापन मुख्य महाप्रबंधक (इएमडी) गुलशन कुमार की अध्यक्षता में हुआ. उन्होंने ऑडिट टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुझाये गये सुधारात्मक बिंदुओं पर शीघ्र ही आवश्यक कदम उठाये जायेंगे. उन्होंने इसे बीएसएल के लिए सतत सुधार व ऊर्जा दक्षता की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया. ऑडिट में बीएसएल के सीओ एंड सीसी, सिंटर प्लांट, ब्लास्ट फर्नेस, एचएसएम, इएमडी, डीएनडब्ल्यू, आइ एंड ए, इटीएल, क्रय व एलएंडडी विभाग शामिल थे. ऑडिट की व्यवस्था ऊर्जा प्रबंधन विभाग की ओर से की गयी, जो इस प्रमाणन का नोडल विभाग भी है. महाप्रबंधक व ऊर्जा प्रबंधक पीके भुई व उप महाप्रबंधक ललिता बिरुली ने इस प्रक्रिया का नेतृत्व किया. महाप्रबंधक (बिजनेस एक्सीलेंस) अनुपमा तिवारी ने समन्वय की भूमिका निभायी. ऑडिटरों ने बीएसएल की टीम भावना, व्यवस्थित कार्यप्रणाली व ऊर्जा प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए आइएसओ 50001:2018 प्रमाणन की निरंतरता की अनुशंसा की. इस अवसर पर विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी व ऊर्जा समन्वयक उपस्थित रहे. यह ऑडिट ऊर्जा दक्षता, सतत विकास और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति बीएसएल की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
