भौतिक जांच किये बिना कार्रवाई पर संघ ने जताया विरोध

कोचस. प्रखंड के 14 शिक्षक सहित जिले के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत सैकड़ों शिक्षकों पर पिछले दिनों डीइओ कार्यालय की ओर से इ-शिक्षा कोष एप से फर्जी हस्ताक्षर दर्ज करने

कोचस. प्रखंड के 14 शिक्षक सहित जिले के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत सैकड़ों शिक्षकों पर पिछले दिनों डीइओ कार्यालय की ओर से इ-शिक्षा कोष एप से फर्जी हस्ताक्षर दर्ज करने के विरुद्ध की गयी कार्रवाई को शिक्षक संघ ने एक पक्षीय व भावनाओं से ग्रसित होकर लिया गया निर्णय करार दिया है. बिहार प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने बताया कि नेटवर्किंग और इ-शिक्षा एप में हुई गड़बड़ी की भौतिक जांच किये बगैर यह कार्रवाई की गयी है. उन्होंने बताया कि इ-शिक्षा कोष एप से उपस्थिति दर्ज करने पर लोकेशन एक किलोमीटर पहले दिखा रहा है, जबकि गूगल एप पर वही उपस्थिति सही दिखा रहा है. इ-शिक्षा कोष एप पर उपस्थिति दर्ज नहीं होने की लिखित शिकायतें शिक्षकों ने बीइओ और डीइओ से की थी, पर इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. समस्या के समाधान के लिए स्थानीय अधिकारियों ने शिक्षकों की समस्या को नहीं सुना. अचानक इ-शिक्षा कोष ऐप फर्जी हस्ताक्षर का आरोप लगाकर स्पष्टीकरण देने और वेतन बंद करने का आदेश दे दिया गया. उन्होंने कहा कि डीइओ की यह कार्रवाई गलत मंशा को उजागर करती है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डीइओ कार्यालय की ओर से सुनियोजित साजिश के तहत अगर शिक्षकों को परेशान किया गया, तो फिर संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जायेगा. अध्यक्ष ने बताया कि मई महीने की समाप्ति होने वाली है, लेकिन विभागीय अधिकारियों के ढुलमुल रवैया के कारण शिक्षकों को अप्रैल महीने का वेतन भुगतान नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि स्पष्टीकरण और वेतन रिलीज के नाम पर जिला शिक्षा कार्यालय में शिक्षकों से अवैध रुपये की वसूली की जा रही है. इस संबंध में बीइओ अरविंद कुमार ने बताया कि इ-शिक्षा कोष एप से उपस्थिति दर्ज नहीं होने की शिकायत के आलोक में डीइओ कार्यालय से जांच के लिए उन्हें कोई आदेश नहीं मिला है.

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Author: ANURAG SHARAN

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