बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के व्यवहार संशोधन पर दिये टिप्स

रानी लक्ष्मीबाई महिला विकास समिति ने की कार्यशाला दीपक-16 उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर रानी लक्ष्मीबाई महिला विकास समिति की ओर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय सीआरइ कार्यशाला का समापन हो गया. यह

रानी लक्ष्मीबाई महिला विकास समिति ने की कार्यशाला दीपक-16 उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर रानी लक्ष्मीबाई महिला विकास समिति की ओर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय सीआरइ कार्यशाला का समापन हो गया. यह कार्यशाला बौद्धिक व विकासात्मक अक्षमतायें, परिभाषा, वर्गीकरण व कारण विषय पर केंद्रित थी. इसे भारतीय पुनर्वास परिषद् से मान्यता प्राप्त थी. कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक पेशेवरों, जिनमें विशेष शिक्षक, रिसोर्स पर्सन, मनोवैज्ञानिक, पुनर्वास विशेषज्ञ, डॉक्टर व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे. समापन सत्र के मुख्य अतिथि कांटी के बीडीओ डॉ आनंद विभूति थे. मौके पर शैलेश ने बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के व्यवहार संशोधन पर विस्तृत चर्चा की. लक्ष्मीकांत, विवेक सक्सेना, अजीत झा, संतोष सिन्हा ने कार्यशाला का संक्षिप्त मूल्यांकन व सारांश प्रस्तुत किया. कार्यक्रम के अंत में डॉ आनंद विभूति, उषा मनाकी, कार्यक्रम समन्वयक लालू तुरहा, लक्ष्मीकांत, अजीत झा व संतोष सिन्हा ने सभी प्रतिभागितयों को प्रमाणपत्र सौंपा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >