अहंकार जीवन में खुश नहीं रहने देता

दीपक 26, 27 कथावाचक छोटे बापू ने दिया प्रवचन खादी भंडार में हो रही भागवत कथा उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर खादी भंडार में हो रही भागवत कथा के सातवें दिन

दीपक 26, 27 कथावाचक छोटे बापू ने दिया प्रवचन खादी भंडार में हो रही भागवत कथा उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर खादी भंडार में हो रही भागवत कथा के सातवें दिन कथावाचक छोटे बापू ने कहा, अहंकार जीवन में खुश नहीं रहने देता. श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं देखने में सामान्य लगती हैं, परंतु वास्तव में वह दिव्य व अद्भुत हैं. पूतना, तृणावर्त, वत्सासुर, बकासुर, अघासुर, धेनुकासुर जैसे असुरों का संहार किसी साधारण बालक का कार्य नहीं था. कथा में माता यशोदा द्वारा चंद्रमा मांगने के प्रसंग का भी वर्णन हुआ. बताया कि चंद्रमा मन का कारक है, जो सदैव अस्थिर रहता है. जब मन भगवान में लग जाता है तो उसकी अशांति और अस्थिरता समाप्त होकर परमात्मा के आनंद में स्थिर हो जाती है. उपनिषदों के संदर्भ में यह बताया गया कि भगवान भक्तों द्वारा अर्पित फल, फूल, अन्न का केवल अहंकार रूपी अंश स्वीकार करते हैं और वस्तु को प्रसाद स्वरूप लौटा देते हैं. खादी ग्रामोद्योग मंत्री वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कथास्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है. आयोजन में संघ के सदस्य इंद्रजीत शाही, सरोज चंद्रवंशी, अनामिका, पूनम, लाल बाबू सिंह, बबन यादव, निर्मला, राजन, शुभम आदि मौजूद रहे.

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By Vinay Kumar

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