जानकारी के लिए बनाया जीएसटी नंबर, अब 2.52 करोड़ का आ गया नोटिस

ऑनलाइन जानकारी के चक्कर में एक युवक के परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है.

सिमुलतला . ऑनलाइन जानकारी के चक्कर में एक युवक के परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है. सिमुलतला थाना क्षेत्र के पन्ना गांव निवासी बीरेन्द्र यादव का पुत्र राहुल कुमार इस समय गहरे संकट में फंसा हुआ है. यूट्यूब देखकर केवल जानकारी के उद्देश्य से जीएसटी नंबर बनवाने वाले राहुल को अब दो करोड़ 52 लाख 7 हजार 331 रुपये का बिल थमा दिया गया है. विभागीय जानकारी के अनुसार, राहुल कुमार के नाम से बने जीएसटी नंबर का इस्तेमाल राजनंदनी कंस्ट्रक्शन लिमिटेड नामक कंपनी कर रही है. राहुल को जैसे ही जीएसटी कार्यालय से भारी-भरकम नोटिस मिला, परिवार के होश उड़ गये.

हमने कभी इतने पैसे देखे तक नहीं – बीरेन्द्र यादव

पेशे से ऑटो चालक बीरेन्द्र यादव ने बताया कि मेरा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है. हमने कभी इतने पैसे देखे भी नहीं. कोर्ट और थाना के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं. कर्ज लेकर काफी पैसा खर्च हो चुका है. अब अगर जल्द समाधान नहीं मिला, तो आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता.

ग्रामीण बोले- राहुल निर्दोष है

घटना के बाद पूरे गांव में चिंता और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि राहुल पूरी तरह निर्दोष है और जीएसटी नंबर का दुरुपयोग संबंधित कंपनी ने किया है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से परिवार को राहत देने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

बिना समझे ऑनलाइन प्रक्रिया खतरनाक साबित हो सकती है

यह मामला उन युवाओं के लिए चेतावनी है जो बिना पूरी जानकारी के ऑनलाइन प्रक्रियाओं में शामिल हो जाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी पंजीकरण जैसी प्रक्रिया में सतर्कता बरतना जरूरी है, वरना कानूनी पचड़े में फंसने का खतरा रहता है. फिलहाल राहुल और उसका परिवार जिला प्रशासन और न्यायालय से न्याय की आस लगाये बैठे हैं. उन्हें उम्मीद है कि शासन-प्रशासन उनकी स्थिति की गंभीरता को समझेगा और जल्द राहत देगा.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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