60 हजार टन चावल की आपूर्ति नहीं हुई, सहकारी बैंकों के दो सौ करोड़ फंसे

एसएफसी को चावल आपूर्ति की अवधि 14 सितंबर तक विस्तारित कर दी गयी है. पूर्व में दस अगस्त तक ही तिथि निर्धारित थी.

– फिर से 14 सितंबर तक चावल की आपूर्ति एसएफसी को करने की तिथि बढ़ायी गयी – नौ सौ पैक्स व व्यापारमंडलों ने चावल की आपूर्ति नहीं की है, डिफॉल्टर होने का मंडरा रहा था खतरा संवाददाता, पटना एसएफसी को चावल आपूर्ति की अवधि 14 सितंबर तक विस्तारित कर दी गयी है. पूर्व में दस अगस्त तक ही तिथि निर्धारित थी. राज्य सरकार के अनुरोध पर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने तिथि विस्तारित कर दी है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य के किसानों से 39.22 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति पैक्स एवं व्यापार मंडलों द्वारा की गयी है. इसके समतुल्य 26.61 लाख एमटी चावल 10 अगस्त तक राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जाना था. इसमें से 26.01 लाख मीट्रिक टन 97.8% की आपूर्ति समय पर पूरी की जा चुकी है. जबकि लगभग 60 हजार टन चावल की आपूर्ति की जानी अब भी शेष है. जिसमें लगभग 900 समितियां संबद्ध हैं. जिनके डिफॉल्टर होने का खतरा उत्पन्न हो गया था. इसके साथ ही सहकारी बैंकों के लगभग 200 करोड़ रुपये पर भी संकट उत्पन्न हो गया था. सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि इससे राज्य के उन सभी पैक्स एवं व्यापार मंडलों को शत प्रतिशत शेष चावल की आपूर्ति करने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने 10 अगस्त तक आपूर्ति सौ फीसदी नहीं कर पाये थे. यह निर्णय उन पैक्स एवं व्यापार मंडलों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो पूर्व निर्धारित समय-सीमा तक राज्य खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति पूरी नहीं कर पाये थे. सहकारिता विभाग ने विस्तारित तिथि तक सभी जिलों को शत प्रतिशत चावल आपूर्ति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DURGESH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >