Woolen Clothes Storage Tips: सर्दी खत्म होते ही ऊनी कपड़ों को अलमारी में रखने की चिंता शुरू हो जाती है. अगर इन्हें सही तरीके से नहीं रखा जाए, तो अगली सर्दियों में कपड़ों से बदबू आने लगती है या वे खराब भी हो सकते हैं. कई बार कीड़े लगने या कपड़ों का शेप बिगड़ने की समस्या भी सामने आती है. इसलिए ऊनी कपड़ों को रखने से पहले और रखते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. तो आइए जानते हैं ऊनी कपड़ों को रखने के आसान और असरदार तरीके, जिनसे वे महीनों तक सेफ रहें और अगली सर्दियों में निकालते ही बिल्कुल नए जैसे लगें.
कपड़ों को हल्का फ्रेशनर स्प्रे करें | Light Freshener Spray
अलग-अलग ऊनी स्वेटर या शॉल रखने से पहले हल्का फैब्रिक फ्रेशनर स्प्रे करें. इससे सिर्फ बदबू नहीं जाती बल्कि लंबे समय तक कपड़े ताजगी भरे रहते हैं. कोशिश करें स्प्रे बहुत गीला न हो, सिर्फ हल्का मिस्ट लगाएं और सूखने दें.
कपड़ों के बीच सिल्क या कॉटन शीट डालें | Use Silk or Cotton Sheets
ऊनी कपड़ों को फोल्ड करके स्टोर करते समय उनके बीच पतली सिल्क या कॉटन शीट डाल दें. इससे कपड़ों में फ्रिक्शन नहीं होगा और शेप लंबे समय तक सही रहेगा. यह तरीका भारी स्वेटर और शॉल के लिए खासकर अच्छा है.
अलमारी में नींबू या ऑरेंज के छिलके रखें | Natural Citrus Protection
सिर्फ कपूर और नीम नहीं, बल्कि ताजे नींबू या ऑरेंज के छिलके भी कीड़े और बदबू से बचाते हैं. छिलके कपड़ों के बीच या अलमारी के कोनों में रखें. खुशबू हल्की और नेचुरल रहती है, और कपड़े सुरक्षित रहते हैं.
पुरानी जर्सी या टॉवेल के साथ स्टोर करें | Layer with Old Sweater/Towel
अगर आप भारी स्वेटर या बड़े ऊनी कपड़े स्टोर कर रही हैं, तो उनके बीच पुरानी जर्सी या हल्का टॉवेल रखें. यह वजन बराबर करता है और नीचे रखे कपड़े दबने से बचते हैं.
हल्की नींबू या विनेगर वाली पानी की स्क्विट | Lemon/Vinegar Mist
थोड़ी-सी नींबू या सफेद विनेगर वाली पानी की हल्की स्क्विट बनाने के बाद कपड़ों पर हल्का छिड़काव करें. यह कीड़े और फंगस से बचाव करता है, बदबू को दूर करता है और कपड़े सुरक्षित रहते हैं.
रोल करके स्टोर करें | Roll Instead of Fold
कुछ स्वेटर और शॉल को फोल्ड करने के बजाय हौले-हौले रोल करें. यह तरीका शेप को बेहतर बनाए रखता है, दबाव कम करता है और गहरे बॉक्स में स्टोर करने पर भी कपड़े ठीक रहते हैं.
Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.
