Subhash Chandra Bose Jayanti Live: सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर भेजें जोश से भरे ये विचार

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022 Live: भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर साल 23 जनवरी को मनाई जाती है. सुभाष चंद्र बोस का जन्म उड़ीसा में कटक में हुआ था. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर हम आपको उनके विचारों के बारे में बता रहे हैं.

Live Updates
3:06 PM. 23 Jan 22 3:06 PM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022:आशा की कोई न कोई किरण आती है

‘मेरा अनुभव है कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती.’

1:04 PM. 23 Jan 22 1:04 PM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय

‘याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है.”

1:04 PM. 23 Jan 22 1:04 PM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: मेरे जीवन के अनुभवों में एक

मेरे जीवन के अनुभवों में एक यह भी है कि मुझे यह आशा है कि कोई-न-कोई किरण उबार लेती है और जीवन से दूर भटकने नहीं देती.

9:46 AM. 23 Jan 22 9:46 AM. 23 Jan

नेताजी के विचार

यदि आपको अस्थायी रूप से झुकना पड़े, तब वीरों की भांति झुकना.

9:18 AM. 23 Jan 22 9:18 AM. 23 Jan

नेताजी के विचार

जीवन में प्रगति का आशय यह है की शंका संदेह उठते रहें और उनके समाधान के प्रयास का क्रम चलता चाहिए. हम संघर्षों और उनके समाधानों द्वारा ही आगे बढ़ते रहना चाहिए.

3:06 PM. 23 Jan 22 3:06 PM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: कष्टों का, निसंदेह एक

कष्टों का, निसंदेह एक आंतरिक नैतिक मूल्य होता है.

3:06 PM. 23 Jan 22 3:06 PM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: हमेशा आशा की कोई न कोई किरण

‘मेरा अनुभव है कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती.’

8:32 AM. 23 Jan 22 8:32 AM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: मैंने जीवन में कभी भी खुशामद . . .

मैंने जीवन में कभी भी खुशामद नहीं की है. दूसरों को अच्छी लगने वाली बातें करना मुझे नहीं आता.

3:06 PM. 23 Jan 22 3:06 PM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: याद रखें . . .

याद रखें – अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है.

7:34 AM. 23 Jan 22 7:34 AM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: जीवन में प्रगति का आशय . . .

जीवन में प्रगति का आशय यह है की शंका संदेह उठते रहें और उनके समाधान के प्रयास का क्रम चलता चाहिए. हम संघर्षों और उनके समाधानों द्वारा ही आगे बढ़ते रहना चाहिए

7:34 AM. 23 Jan 22 7:34 AM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022:मेरा अनुभव है कि . . .

‘मेरा अनुभव है कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती.’

12:50 AM. 23 Jan 22 12:50 AM. 23 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: याद रखिए सबसे बड़ा . . .

‘याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है.”

5:42 PM. 22 Jan 22 5:42 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: ये हमारा कर्तव्य है कि हम

‘ये हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं. हमें अपने बलिदान और परिश्रम से जो आज़ादी मिले, हमारे अंदर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए.’

5:42 PM. 22 Jan 22 5:42 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: मेरे जीवन के अनुभवों में एक

मेरे जीवन के अनुभवों में एक यह भी है कि मुझे यह आशा है कि कोई-न-कोई किरण उबार लेती है और जीवन से दूर भटकने नहीं देती.

5:42 PM. 22 Jan 22 5:42 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: मुझे आपको याद दिलाना है कि

मुझे आपको याद दिलाना है कि आपको दो गुना कार्य करने हैं. हथियारों के बल और अपने खून की कीमत पर आपको स्वतंत्रता हासिल करनी होगी. फिर, जब भारत स्वतंत्र होगा, तो आपको स्वतंत्र भारत की स्थायी सेना को संगठित करना होगा. जिसका कार्य हर समय अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखना होगा. हमें अपनी राष्ट्रीय रक्षा ऐसी अटल नींव पर बनानी होगी, ताकि हम इतिहास में फिर कभी अपनी स्वतंत्रता न खोयें.

5:42 PM. 22 Jan 22 5:42 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: भारत पुकार रहा है, रक्त रक्त को पुकार रहा है

भारत पुकार रहा है, रक्त रक्त को पुकार रहा है. उठो, हमारे पास व्यर्थ के लिए समय नहीं है. अपने हथियार उठा लो, हम अपने दुश्मनों के माध्यम से ही अपना मार्ग बना लेंगे या अगर भगवान की इच्छा रही, तो हम एक शहीद की मौत मरेंगे.

5:42 PM. 22 Jan 22 5:42 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: गुलाम लोगों के लिए आजादी

गुलाम लोगों के लिए आजादी की सेना में पहला सैनिक होने से बड़ा कोई गौरव, कोई सम्मान नहीं हो सकता है.

2:15 PM. 22 Jan 22 2:15 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: भावना के बिना चिंतन असंभव है

भावना के बिना चिंतन असंभव है. यदि हमारे पास केवल भावना की पूंजी है तो चिंतन कभी भी फलदायक नहीं हो सकता. बहुत सारे लोग आवश्यकता से अधिक भावुक होते हैं। परन्तु वह कुछ सोचना नहीं चाहते.

2:15 PM. 22 Jan 22 2:15 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: मेरे जीवन के अनुभवों में

मेरे जीवन के अनुभवों में एक यह भी है कि मुझे यह आशा है कि कोई-न-कोई किरण उबार लेती है और जीवन से दूर भटकने नहीं देती.

2:15 PM. 22 Jan 22 2:15 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: मैंने अमूल्य जीवन का इतना समय व्यर्थ ही

मैंने अमूल्य जीवन का इतना समय व्यर्थ ही नष्ट कर दिया. यह सोच कर बहुत ही दुःख होता है. कभी कभी यह पीड़ा असह्य हो उठती है. मनुष्य जीवन पाकर भी जीवन का अर्थ समझ में नहीं आया. यदि मैं अपनी मंजिल पर नहीं पहुँच पाया, तो यह जीवन व्यर्थ है. इसकी क्या सार्थकता है?

2:15 PM. 22 Jan 22 2:15 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: मैं जीवन की अनिश्चितता…

मैं जीवन की अनिश्चितता से जरा भी नहीं घबराता.

2:15 PM. 22 Jan 22 2:15 PM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: अगर संघर्ष न रहे

अगर संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े, तब जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है.

9:08 AM. 22 Jan 22 9:08 AM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: सफलता, हमेशा . . .

सफलता, हमेशा असफलता के स्तम्भ पर खड़ी होती है.

9:08 AM. 22 Jan 22 9:08 AM. 22 Jan

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: एक सैनिक के रूप में आपको हमेशा . . .

”एक सैनिक के रूप में आपको हमेशा तीन आदर्शों को संजोना और उन पर जीना होगा: सच्चाई, कर्तव्य और बलिदान. जो सिपाही हमेशा अपने देश के प्रति वफादार रहता है, जो हमेशा अपना जीवन बलिदान करने को तैयार रहता है, वो अजेय है. अगर तुम भी अजेय बनना चाहते हो तो इन तीन आदर्शों को अपने ह्रदय में समाहित कर लो.”

9:08 AM. 22 Jan 22 9:08 AM. 22 Jan

 Subhash Chandra Bose Jayanti 2022: ये हमारा कर्तव्य है . . .

‘ये हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं. हमें अपने बलिदान और परिश्रम से जो आज़ादी मिले, हमारे अंदर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए.’

मुख्य बातें

Subhash Chandra Bose Jayanti 2022 Live: भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर साल 23 जनवरी को मनाई जाती है. सुभाष चंद्र बोस का जन्म उड़ीसा में कटक में हुआ था. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर हम आपको उनके विचारों के बारे में बता रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >