क्या आप जानते हैं सावन में हरा रंग पहनने की असली वजह? धर्म, साइंस और ज्योतिष से है इसका खास कनेक्शन

Sawan Facts: क्या आपने कभी सोचा है कि सावन आते ही हर तरफ हरा रंग ही क्यों छा जाता है? इसके पीछे सिर्फ ट्रेडिशन नहीं, बल्कि भगवान शिव से जुड़ी मान्यताएं, प्रकृति का खास रिश्ता, सुहाग का महत्व, साइंस और ज्योतिष से जुड़े दिलचस्प कारण भी छिपे हुए हैं. आइए इन्हें विस्तार से जानते हैं.

Sawan Facts: क्या आपके दिमाग में यह सवाल आया है कि सावन का महीना आते ही हर तरफ हरा रंग ही क्यों नजर आने लगता है? चाहे बाज़ार में बिकती हुई हरी-हरी कांच की चूड़ियां हों, महिलाओं की साड़ियां हों या फिर बारिश के बाद सड़कों के किनारे खिल उठे हरे-भरे पेड़-पौधे. सावन और इस हरे रंग का रिश्ता सिर्फ कोई इत्तेफाक या आजकल का फैशन ट्रेंड नहीं है. इसके पीछे छिपी हैं सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताएं, हमारी सेहत से जुड़ा विज्ञान और ग्रहों का एक खास गणित. आज इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताने वाले हैं कि आखिर सावन के दौरान हरे रंग को इतनी अहमियत क्यों दी जाती है. तो चलिए इसके पीछे छिपे दिलचस्प कारणों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

why wear green in sawan

भगवान शिव और प्रकृति का गहरा रिश्ता

सावन का पूरा महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए समर्पित होता है. शास्त्रों की अगर मानें, तो भगवान भोलेनाथ का प्रकृति यानी कि कुदरत से बहुत ही गहरा लगाव है. यही एक वजह है कि उनकी पूजा में हमेशा बेलपत्र, धतूरा, भांग और शमी जैसी हरी चीजें चढ़ाई जाती हैं. हरे रंग को सीधे प्रकृति, शांति और ताजगी का ही प्रतीक माना जाता रहा है. इसके अलावा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में हरे रंग के कपड़े पहनकर अगर आप शिव-पार्वती की पूजा करते हैं, तो वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और आपको अपना आशीर्वाद भी देते हैं.

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प्रकृति को शुक्रिया कहने का खूबसूरत जरिया

भीषण गर्मी और कड़ी धूप के बाद जब सावन में बारिश की बूंदें धरती पर गिरती हैं, तो यह सूखी हुई धरती एक बार फिर से हरी-भरी होने लगती है. इस हरियाली को देखकर हमारे मन को एक अलग ही तरह की शांति मिलती है. ऐसे में सावन के महीने में हरे रंग के कपड़े पहनना एक तरह से प्रकृति को शुक्रिया यानी कि 'थैंक-यू' कहने का जरिया है. जिस तरह से बारिश पाकर पेड़ और पौधे बिल्कुल नए और रिफ्रेश हो जाते हैं, ठीक उसी तरह से हरा रंग पहनने से इंसान के अंदर एक नई एनर्जी, खुशी और फ्रेशनेस का संचार होने लगता है.

सुहाग, सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में खुशहाली

हिंदू धर्म और हमारे कल्चर में हरे रंग को सुहाग, अच्छी किस्मत और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इसी वजह से सावन के महीने में सुहागिन महिलाएं हरे रंग की साड़ियां, सूट और कांच की हरी चूड़ियां पहनती हैं. ऐसी मान्यताएं हैं कि सावन के महीने में हरा रंग पहनने से पति की उम्र लंबी होती है और इसके साथ ही शादीशुदा जीवन में प्यार भी बरकरार रहता है. वहीं, जो कुंवारी लड़कियां होती हैं, वे एक अच्छे जीवनसाथी की मनोकामना के लिए हरा रंग पहनती हैं.

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मेंटल स्ट्रेस दूर करने वाला साइंटिफिक कारण

आपको शायद यह जानकर हैरानी हो, लेकिन हरे रंग का हमारे दिमाग और मूड पर बहुत ही गहरा और पॉजिटिव असर पड़ता है. अगर साइंस और हेल्थ के नज़रिए से देखें, तो यह रंग हमारी आंखों के लिए सबसे ज्यादा आरामदायक माना जाता है. सावन के महीने में हर तरफ हरियाली फैली होती है और इस समय हरे रंग के कपड़े पहनने से इंसान का स्ट्रेस और गुस्सा कम होता है. हरा रंग मन को शांत रखने में मदद करता है और साथ ही सोच को भी पॉजिटिव बनाता है. ऐसा होने की वजह से जब हम हरा रंग पहनते हैं, तो हमें अंदर ही अंदर एक अलग सी खुशी महसूस होती है.

ज्योतिष शास्त्र और बुध ग्रह का कनेक्शन

ज्योतिष शास्त्र की अगर मानें, तो हरे रंग का डायरेक्ट कनेक्शन बुध ग्रह से होता है. ज्योतिष में बुध ग्रह को हमेशा से ही बुद्धि, वाणी, बिजनेस, करियर और तरक्की का फैक्टर माना गया है. मान्यता है कि सावन के महीने में अगर आप हरे रंग के कपड़े पहनते हैं, तो इससे आपकी कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है. जब बुध ग्रह आपको शुभ फल देता है, तो आपके फैसले लेने की काबिलियत बेहतर होती है, कामकाज में सफलता मिलती है और साथ ही जीवन में सुख और समृद्धि का आना शुरू हो जाता है.

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By Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.

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